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पीएम मोदी पर फारूक अब्दुल्ला का जहरीला बयान, ''कुर्सी के लिए जवानों को शहीद करवाया''

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

चुनावी मौसम के वक्त जब पूरे देश की चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है तो ऐसे में नेता अपनी हकरतो से कहां बाज आते हैं वह एक दूसरे के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल तक कर देते हैं। मानों इस चुनाव प्रधानमंत्री को गाली देने वालों की लाइन लग गई हो। इसी कड़ी में एक और नाम जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का भी जुड़ गया है। अबदुल्ला ने कहा 'मोदी ने कुर्सी के लिए जवानों को शहिद करवाया।'

एक रैली में नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अबदुल्ला ने पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगलते हुए कहा कि ' सत्ता में बने रहने के लिए मोदी ने जानबूझकर जवानों को मरवाया।'

इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा 'फारूक अबदुल्ला पर देशद्रोह का केस चलना चाहिए और उन्हें सबूत देना चाहिए। 

इससे पहले पीएम मोदी पर चाय वाला की भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की  तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जंग कोई विकल्प नहीं है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि वह ‘अब भी एक चायवाले की भाषा बोल’ रहे हैं।    

श्रीनगर में ईदगाह इलाके में एक रैली में अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर विकास की कमी का नतीजा नहीं है बल्कि यह ‘राजनीतिक’ है और दोनों देशों के बीच बातचीत से ही रास्ता निकल सकता है। श्रीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘ इस मुद्दे ने उपमहाद्वीप का विकास अवरूद्ध कर रखा है। हमारी पार्टी ने हमेशा से कहा है कि दोनों देशों  के बीच बातचीत से ही रास्ता निकल सकता है।’’    

पूर्व मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की उनके बयान के लिए तारीफ की है जिसमें खान ने दोनों देशों के बीच युद्ध के विकल्प को खारिज किया और मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत की पैरवी की। खान ने पिछले साल कहा था कि कश्मीर मुद्दे का हल जंग नहीं है। इसे बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है।    

अब्दुल्ला ने कहा था कि , ‘‘ ये अल्फाज़ हमारे पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हैं जो पूर्व क्रिकेटर हैं। बहरहाल, हमारी तरफ, प्रधानमंत्री मोदी अब भी चायवाले की भाषा बोल रहे हैं।’’    उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा 1947 से है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे लोग कब तक सहन करते रहेंगे? हमें लगता है कि हमारे राज्य का राजनीतिक समाधान बहुत जल्दी नहीं होना वाला है। हमें स्पष्ट रूप से राष्ट्र विरोधी के तौर पर कलंकित किया गया है। यह रूकना चाहिए।’’ अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ‘ नफरत फैलाई गई, खासतौर पर मुस्लिमों के विरूद्ध।’
 

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