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'ऑपरेशन वाड्रा': R. भारत के कैमरे में कैद रॉबर्ट वाड्रा के करीबियों ने किया बड़ा खुलासा- 'किसानों और फौज की जमीन का कोड़ियों के भाव राबर्ट वाड्रा ने किया सौदा'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

लोकसभा चुनाव अपने आखिरी चरण में है, लेकिन इसी बीच रिपब्लिक भारत के कैमरे में रॉबर्ट वाड्रा के करीबियों का वह काला सच कैद हुआ है। जिसे देखकर आप भी चौक जाएंगे। पॉलिटिकल SIT टीम ने रॉबर्ट वाड्रा के जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस वक्त जमीन की खरीद से जुड़ी कथित हेराफेरी के मामले में वाड्रा के खिलाफ ईडी की पूछताछ चल रही थी। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क की टीम सच को सामने लाने के लिए राष्ट्रहित के अपने मिशन पर जुटी थी और इस सिलसिले में  वाड्रा का सबसे बड़ा राजदार  महेश नागर और ललित नागर से मिली। दो भाई जो देश भर में वाड्रा के जमीन सौदों का सूत्रधार थे।  बता दें, ललित नागर आज कांग्रेस के विधायक हैं और महेश नागर राजस्थान और हरियाणा में  वाड्रा के जमीन सौदों के सबसे बड़े राजदार हैं।
 
रिपोर्टर- जब लोग यह कहते हैं कि आपने उनको बचाने की कोशिश की आपके कार्यक्रता कहते हैं कि महेश भाी ने रॉबर्ट वाड्रा को बहुत बचाया। इसके पीछे कारण क्या था? 

  • महेश नागर- देखो हमारे उनसे घर के संबंध हैं।  हम ये कैसे कह दें कि भाई हमें नहीं पता 

 रिपोर्टर- ये कहा जाता है कि आप प्रियंका गांधी और उनके परिवार के काफी करीब हैं, रॉबर्ड वाड्रा से भी करीबी रिश्ते हैं। इसमें कितनी सच्चाई है? 

  • ललित नागर- हां हैं, काफी क्लोज हैं हमारा काफी आना जाना है, उन्हीं के आशीर्वाद से पहले टिकट मिला था। 

इस साल सात फरवरी को रॉबर्ट वाड्रा से ईडी की पूछताछ चल रही थी और हम उसी उस घोटाले के सच को जानने की कोशिश कर रहे थे।
 
खुलासा नंबर- 1 : फर्जीवाड़े से जमीन सौदा

हमने नागर से जानना चाहा कि जमीन खरीदने के लिए वाड्रा ने उसके नाम का इस्तेमाल क्यों किया.. तो सुनिए क्या था नागर का जवाब..
 
रिपोर्टर- कुछ कांग्रेस के कार्यकर्ता कह रहे हैं कि आपने भाई का टिकट आखिरी वक्त में इसलिए काट दिया गया क्योंकि रॉबर्ट वाड्रा पर जो आरोप लगे थे, वो आपने अपने ऊपर ले लिया। इसके पीछे क्या कारण हैं? जो रॉबर्ट वाड्रा पर जमीन घोटाले के आरोप लगे थे वो आपने अपने ऊपर क्यों ले लिया? 

  • महेश नागर- नहीं हमने अपने ऊपर नहीं ले लिया, जो सच्चाई थी हमने वो बताई 

रिपोर्टर- वो सच्चाई क्या है?

  • महेश नागर- वो सच्चाई ये है जो जमीन उन्होंने खरीदी थी उस जमीन के बारे में सबसे पहले गलती तो मेरी हैं मैंने जमीन दिलाई।

रिपोर्टर- आपने जमीन दिलाई, कहां पर दिलाई?

  • महेश नागर- राजस्थान में 

रिपोर्टर- सबसे पहले- कब दिलाई? 

  • महेश नागर- सबसे पहले नहीं ये बीच का पार्ट है

रिपोर्टर- कब का? 

  • महेश नागर- 2014 में जमीन दिलाई राजस्थान में, बहुत जमीन दिलाई लेकिन एक जमीन ऐसी आ गई जिसमें शुरू से ही फर्जीवाड़ा किया था तहसीलदार और गिरदावर ने। आपने रिश्तेदारों को जमीन अलॉट कर दी और उस जमीन के पैसे नहीं दिए। वो जमीन री- सेल होते होते हमने ली, हम चौथे मालिक थे। हमें नहीं पता था, किसी को ये नहीं पता था। जब हमें इस चीज का पता लगा तो उन्होंने 420 का मुकदमा कर दिया उन लोगों के खिलाफ जिन्होंने ये किया था। हमें केवल जांच में बुलाया था। 

इस साल 12 फरवरी को राजस्थान के ईडी दफ्तर में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा से पूछताछ हुई, उस दिन प्रियंका वाड्रा ने उन्हें ईडी दफ्तर तक छोड़ा था..

खुलासा नंबर-2 : जमीन सौदों के लिए बनाए 'मोहरे'

रिपोर्टर- लोग कहते हैं कि आपने उनकी जमीन बचाकर रखी है। सारी जमीन आपने अपने नाम पर ली। रॉबर्ट वाड्रा ने अपने नाम पर नहीं ली। आपने कभी सोचा कि आपने इतने बड़े परिवार को बचाने की कोशिश की। 

  • महेश नागर- वो ( रॉबर्ट वाड्रा ) देश के बहुत बड़े आदमी हैं। 

रिपोर्टर- 100 करोड़ से ऊपर की जमीन है, वो जमीन पूरी आपके नाम पर ली गई। 

  • महेश नागर- नहीं मेरे नाम पर नहीं ली गई। हमारे नाम पर हमारी अपनी जमीनें हैं। उनके नाम की उन्हीं के पास हैं। हमारे पास उनकी कोई जमीन नहीं हैं। जो भी ले रखी है उन्होंने अपने नाम करा रखी है या कंपनी के नाम करा रखी है। उससे हमको कोई मतलब नहीं है लेकिन देखरेख तो हम ही करते हैं  सारी भी जमीनें की।

हमने नागर से जानना चाहा कि जमीन खरीदने के लिए वाड्रा ने उसके नाम का इस्तेमाल क्यों किया.. तो सुनिए क्या था नागर का जवाब
 
 रिपोर्टर: अगर जमीन को उनको खरीदनी थी तो आपके जरिए क्यों?

  •  महेश नागरः बो सब जगह थोड़े चले जाएंगे। यही काम है मेरा जमीन देखना, पंसन करना। रोड पर है, नहीं है। किस रेट में है, वो थोड़े कर लेंगे सारे काम किसी को एक को तो भेजना पड़ेगा ना। 

 इस साल 10 फरवरी को रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने खुलासा किया था कि आखिर कैसे रॉबर्ट वाड्रा ने फौजियों के हक की जमीन अपने नाम कर ली थी और कैसे गरीबों को बेघर कर दिया था।

खुलासा नंबर -3 : लूटी गरीबों की जमीन

महेश नागर का नाम ईडी के कागजातों में है। इस मामले में गिरफ्तार हुए अशोक कुमार से उसके ताल्लुकात है।  अशोक कुमार ने वाड्रा की मदद की थी।  इस घोटाले में गरीबों से खरीदकर फौज को दी जाने वाली जमीन वाड्रा ने मकड़जाल से अपने नाम कर ली थी। 

अब हमने वाड्रा के लिए सौदेबाजी करने वाले प्रॉपर्टी दलाल को ही पकड़ लिया।  उसमें हमें उस सौदे के बारे में परत दर परत खुलासा कर बताया कि आखिर कैसे फौज के साथ धोखेबाजी हुई। आखिर राहुल गांधी ने जीजा और सोनिया गांधी के दामाद ने जमीन डील में घपलाबाजी कैसे की। 
 
रिपोर्टर - ये आशोक कुमार को आप जानते हैं? 
महेश नागर- हां जानता हूं । आशोक मेरे गांव का है। आशोक ने वो जमीन खरीद ली थी इसलिए अशोक कुमार का नाम उसमें आया। 
रिपोर्टर - अशोक कुमार से आप ने ली थी?
महेश नागर- अशोक कुमार से मेरे जरिए वाड्रा की कंपनी ने ली। हमारा काम बस ये था कि जब जमीन की रजिस्ट्री होती थी तो मुझे ऑथराइज्ड सिग्नेट्री बनाकर भेज देते थे। ये लो चेक।

कांग्रेस ने हमेशा से कहा है कि वाड्रा का बिजनेस वाड्रा का निजी मामला है। लेकिन हकीकत ये है कि रॉबर्ट वाड्रा से इतर वाड्रा गांधी परिवार के दूसरे सदस्यों के फोटो महेश नागर की दीवार पर शोभा बढ़ा रहे हैं। 
 
खुलासा नंबर-4 :  वाड्रा के दलाल ने राहुल के लिए सौदा किया
 
रिपोर्टर - इतने दिनों तक राहुल गांधी का नाम नहीं आ रहा था लेकिन अब राहुल का नाम भी आ रहा है जो हमीनपुर में जमीन का सौदा हुआ था उसमें राहुल का नाम आ रहा है। उसके पीछे क्या कहानी है?

  •  महेश नागर- हमीरपुर में नहीं है। पलवल हसनपुर में थी जमीन 

 रिपोर्टर - वो जमीन भी आपने खरीदकर दी?

  •  महेश नागर- मेरे ही सिग्नेचर से हुआ 

 रिपोर्टर - ये तो समझ में आता है कि रॉबर्ट वाड्रा का बिजनेस करते थे लेकिन राहुल गांधी ने क्यों ली पलवल में जमीन? 

  •  महेश नागर- देखो उनका( राहुल गांधी) मन था तो ले ली। बाद में बेच दी।

 2017 में रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने सीसी थंपी से ईडी दफ्तर के बाहर सवाल पूछे थे। मार्च 2019 में  रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने आपको वो दस्तावेज दिखाए थे जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि एच एल पाहवा का सीधा रिश्ता रॉबर्ट वाड्रा से था। ये  पाहवा वहीं आदमी है जिसका सीधा तार रक्षा सौदों की दलाली से था
 
खुलास नंबर -5 : वाड्रा के कमिशन एजेंट का जाल
 
रिपोर्टर-  एच एल पहवा है सी सी थंपी है, ये लोग कौन हैं?

  • महेश नागर - सी सी थंपी इनका आदमी नहीं है, सी सी थंपी पहवा साहब का आदमी है। उसने यहां काफी जमीन खरीदी थी हरियाणा में।  

रिपोर्टर- तो उनके जरिए आप टच में थे?
 
 जब हमने उससे रॉबर्ट वाड्रा के कमिशन एजेंटों  गोरखधंधे के बारे में पूछा तो इंदिरा गांधी के जमाने से उनके साथ अपने संबंधों की शेखी बघारने लगा..
 
रिपोर्टर- ये इंनवेस्टमेंट करते कैसे थे? रॉबर्ड वाड्रा पहवा को पैसे देते थे, उसके जरिए आपके पास आता था?

  • महेश नागर- नहीं नहीं, उनका जो लेनदेन था वो पहले था। 

 रिपोर्टर- एच एल पहला और वाड्रा का?

  •  महेश नागर- हां, वो तो बताते थे कि मेरा तो इंदिरा जी के समय से उठना- बैठना है। उनका नहीं पता मुझे। मुझे तो अपना पता है कि हमने जमीन खरीद बिक्री की है। उन्होंने हमसे पहले क्या लिया क्या नहीं लिया?  उसके बारे में पता नहीं। मैं तो अपने जानता हूं । जो हरियाणा में फरीदाबाद, पलवल और राजस्थान में जो ली है।

2014 में रॉबर्ट वाड्रा ने जब जमीन सौदे के बारे में सवाल पूछा गया था तो उन्होंने बड़ी बेतकल्लुफी से कहा था -- आर यू सीरियस ... लेकिन 2019 आते आते उनके उसी जमीन सौदे के सारे कागजात बाहर आ गए हैं।

खुलासा नंबर -6 : वाड्रा का भुगतान मॉडल

रिपोर्टर-  तो आपको कमीशन किसने दिया, रॉबर्टच वाड्रा ने ?

  • महेश नागर- हां 

 लेकिन मजे की बात ये कि प्रॉपर्टी दलाल नागर को  भुगतान सिर्फ वाड्रा ने ही नहीं किया . उसे पैसे एच एस पाहवा ने भी दिए.. 
 
रिपोर्टर - एच एल पहवा के पास पैसे हीं नही थे। उन्होंने एफिडेविट में लिखा कि उन्होंने कहा था कि हमारे पास पैसे नहीं हैं तो इस्टॉलमेंट में पैसे देंगे। तो नहीं लगता कि कहीं ना कहीं गलत हुआ होगा?

  • महेश नागर - उनकी ज्यादा जानकारी नहीं है मुझे। मैं तो सी सी थंपी से मिला भी बस एक बार हूं।

 
अब वाड्रा के जमीन महाघोटाले के इस खुलासे के बाद जवाब से ज्यादा सवाल उठ खड़े हुए हैं।   सवाल ये है कि 

1- वाड्रा ने जमीन सौदों के लिए मोहरों का इस्तेमाल किया, अगर हां तो क्यों? 
2- क्या वाड्रा ने दलाली का एक घंधा बना रखा था , अगर हां तो क्यों?
3- जब एजेंट ने स्वीकार कर लिया है तो क्या वाड्रा फर्जीवाड़े से मना करेंगे?
4- क्या राहुल जमीन सौदे के लिए लिए दलाल का इस्तेमाल कर रहे थे?
5- राहुल और वाड्रा का नाम आने के बाद क्या गांधी वाड्रा परिवार बोलेगा?

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