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अमित शाह का ममता पर हमला- बंगाल में 23 सीटें जीतेगी भाजपा, जनता स्पीड ब्रेकर दीदी को सिखाएगी सबक

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

लोकसभा चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने रिपब्लिक भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर पर विस्तार से बात की। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ने वाराणसी से 'पूछता है भारत' कार्यक्रम में शरीक हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से कई सुलगते हुए सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब भी दिया।

अमित शाह ने मममा बनर्जी के आरोप पर जवाब देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी कम से कम 23 सीट जीतेगी। और इससे आगे भी जा सकते हैं। अमित शाह ने कहा यह सही है कि हमारे पास बंगाल में कोई बड़ा फेस नहीं है। लेकिन हमारे पास उत्तर प्रदेश , त्रिपुरा, उत्तराखंड , हरियाणा , झारखंड , मणिपुर में भी कोई चेहरा नही था। लेकिन हर जगर भाजपा चुनाव जीती है और हमारे मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं। 


अमित शाह अपने कॉन्फिडेंस के सवाल पर कहा कि देखिए मैं जमीन पर काम करने वाला व्यक्ति हूं। बंगाल में 2016 से हम काम कर रहे हैं। हर बूथ पर हमने भारतीय जनता पार्टी को पहुंचाया है।  बंगला के अंदर जिस प्रकार की तानाशाही है। इसको हमने अनुभव किया है। हमने अपने 60 कार्यकर्ताओं की जान गवाई है। इसके खिलाफ हमने संघर्ष किया है। वहां बंगाली भाषा को छोड़ कर उर्दू भाषा थोपी जा रही है। इसका विरोध हमने देखा है। सरस्वती पुजा, दुर्गा पूजा के दौरान होने वाली समस्या का दर्द हमने पहचाना है। रामनवी का जुलूस न निकलने देने का दर्द हमने झेला है। वहां जिस प्रकार की सिंडिकेट चल रही है चाहे सीमेंट , कोयला , सरिया चाहे कुछ भी चाहिए तो वहां सिंडिकेट को टैक्स देना पड़ता है उसको हमने जाना है। जिस प्रकार की बेरोजगारी वहां पर खड़ी हुई है। एक बाद एक कारखाने बंद होने के बाद उसको हम जानते हैं। जिस प्रकार की हालत घुसपैठियों के घुसने के कारण तेजी से बंगाल की स्थिति बदल रही है। इससे बंगाली कितना चिंतित है इसको मैं जानता हूं । और इन सभी चीजों के आधर पर भारतीय जनता पार्टी ने एक संघर्ष किया है। आज हम ऐसी स्थिति पर खड़े है कि जनता हमारे भरोसे अपना स्टैंड लेकर खड़ी है। आप बीजेपी के किसी भी नेता के सभा में भीड़ देख लीजिए और पीएम मोदी के जनसभा में प्रचंड़ लोग भरे होते है। उसे रोकने के लिए परमिशन न देना.. चाहे हैलिकौप्टर न उतरने देने का या सभा नहीं करने देने का प्रयास.. मैदान के अंदर भंजन कीर्तन करना ... ताकि भाषण में दिक्कते आए... डेढ़ महीने तक माइक बंद कर देना.. इन सब के बावजूद बंगाल की जनता यह तय करके बैठी है कि वह भारतीय जनता पार्टी के साथ रहेगी और दीदी को सबक सिखाएगीं।

बता दें भाजपा का सबसे ज्यादा जोर पश्चिम बंगाल में लगा है, क्योंकि हंग पार्लियामेंट की स्थिति में पश्चिम बंगाल ही दिल्ली की सरकार तय करेगा। पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटों का पार्लियामेंट में काफी महत्व है। 

भाजपा हिंदी बेल्ट में हो रहे अपने नुकसान की भरपाई पश्चिम बंगाल से करना चाहती है। ममता बनर्जी 2014 का अपना प्रदर्शन दोहरा कर 2019 में दिल्ली की किंगमेकर बनना चाहती हैं। ममता ने जनवरी 2019 में कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में 23 राजनीतिक दलों की रैली कर शक्ति प्रदर्शन किया था। इधर, बंगाल में सबसे खराब हालत लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस की है। लेफ्ट फ्रंट जमीन खो रहा है। कांग्रेस अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही है।    
 

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