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जाने छत्तीसगढ़ में क्यों होते हैं चुनाव से पहले नक्सली हमले

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के हमले में भाजपा विधायक भीमा मंडावी और चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गयी। बस्तर में गुरवार को मतदान होना है। इससे पहले लगातार वारदात कर नक्सलियों ने बस्तर को दहला दिया है। बीते एक सप्ताह में उन्होंने चार बार हमले किए।


छत्तीसगढ़ में क्यों होते हैं चुनाव से पहले ऐसे हमले

बता दें इसके पीछे का सच यह हैं कि नक्सली चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालना चाहते हैं चुनाव से पहले बडा हमला करके नक्सली जनता के मन में डर पैदा करना चाहते हैं ताकि उनके चुनाव बहिष्कार के ऐलान को डर से ही समर्थन मिल जाए । छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की चुनौती पर राजनीतिक दलों की राय अलग-अलग क्यों ये भी नक्लसवाद से लड़ने में बडी समस्या । कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद नक्सल नीति बदलने की बात शुरू हुई । नक्सलवाद से लड़ने पर होनी चाहए एक नीति पूछ रहा है।

 छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले नक्सलियों ने बीजेपी नेता भीमा मंडावी के काफिले पर हमला बोल दिया। भीमा मंडावी इस इलाके से बीजेपी के इकलौते विधायक थे। दंतेवाड़ा में हुए इस हमले में बीजेपी विधायक की मौत हो गई और 5 जवान शहीद हो गए।  


वोटिंग से दो दिन पहले हुए इस हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। चारों तरफ बिखरा गाड़ियों का मलबा। खून और लाशे इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि नक्सलवादी लोकतंत्र का गला घोंटना चाहते हैं।

इस नक्सली हमले के बाद सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरु हो गई जिसे देखते हुए सीआरपीएफ की एक बटालियन भी घटना स्थल के लिए रवाना कर दी गई है ।

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