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PM मोदी का अखिलेश-माया पर तीखा हमला, कहा- 'बुआ-बबुआ तक पहुंचने में गजब तेजी दिखाई गई'

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मिशन 2019 का शंखनाद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के महागठबंधन के खिलाफ जमकर ज़हर उगला। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती और आरएडी अध्यक्ष अजीत सिंह को खूब खरी-खोटी सुनाई।

'माया भूल गईं गेस्ट हाउस कांड'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस पार्टी के नेताओं को जेल भेजने के लिए, बहन जी ने जीवन के 2 दशक लगा दिए उसी से उन्होंने हाथ मिला लिया है। जिस दल के नेता बहन जी को गेस्ट हाउस में ही खत्म कर देना चाहते थे, वो अब उनके साथी बने हुए हैं। और यूपी में तो सब कुछ इतनी जल्दी-जल्दी हो रहा है कि पूछिए मत। दो लड़कों से बुआ-बबुआ तक पहुंचने में जो तेजी दिखाई गई है, वो गजब है। इन लोगों के लिए सत्ता से बढ़कर कोई नहीं है। ये वही लोग हैं जिन्होंने नारा बना रखा था- यूपी को लूटो बारी-बारी।

'हार के डर से SP-BSP साथ'

उन्होंने कहा, 'साल 2014 में और फिर 2017 में यूपी के लोग इन्हें दिखा चुके हैं कि उत्तर प्रदेश को जातियों में बांटने की कोशिश अब सफल नहीं होगी। जब देश बचेगा, तभी तो समाज भी बचेगा। इसलिए इस बार भी यूपी की जनता का फैसला 2014 और 2017 के चुनाव जैसा ही होने वाला है।'

इस दौरान पीएम ने ये भी कहा कि बोर्ड बदल लेने से दुकान नहीं बदलती। सपा-बसपा के शासन की पहचान, यूपी के लोगों को दिया धोखा, उत्तर प्रदेश के लोग भूले नहीं हैं। इनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के दुष्परिणाम मेरे मेरठ को, हापुड़ को, कैराना को, मुजफ्फरनगर को सहने पड़े हैं। आपको सहने पड़े हैं।

SP पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी बोलें, 'सपा के शासन काल में हुए दंगों का दंश आप आजतक झेल रहे हैं। यहां स्थिति ये हो गयी थी कि लोगों को अपना घर तक छोड़कर भागना पड़ा था। गुंडाराज किस तरह कायम था, आप इसके भुक्तभोगी रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि मत भूलिए, ये वही लोग हैं जो तीन तलाक के खिलाफ कानून का विरोध करते हैं। जो कहते हैं कि तीन तलाक की वजह से महिलाओं की हत्या नहीं होती, कम से कम वो बच तो जाती है। सोचिए, किस तरह की सोच है इन लोगों की।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का किसान हमारे लिए अन्नदाता है। किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम हमारी सरकार ने उठाए हैं। दशकों से लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य देने की मांग आप सभी की रही है, उसको भी हमने पूरा कर दिया है।

पीएम ने बताया कि मेरठ को आज से करीब 34 साल पहले ही नेशनल कैपिटल रीजन में शामिल कर लिया गया था पर यहां की स्थिति क्या थी ये तो आप मुझसे बेहतर जानते हैं। 2014 के बाद हमने इस पूरे क्षेत्र को तेज़ और आधुनिक यातायात से जोड़ने का बीड़ा उठाया। 

उन्होंने गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे खुशी होती अगर बहन जी ने कभी मुझे चिट्ठी लिखी होती कि मेरठ में ये काम करना है, इस सड़क को बनाया जाना है। लेकिन उन्होंने ऐसा कभी किया नहीं। मुझे खुशी होती अगर अखिलेश जी ने गरीबों के घर का मुद्दा उठाया होता, गैस का सिलेंडर अधिक से अधिक लोगों तक कैसे पहुंचाएं, इसको लेकर टेलिफोन या चिट्ठी लिखी होती। मुझे खुशी होती, अगर चौधरी अजीत सिंह जी किसानों की समस्याओं को लेकर मेरे पास आते, मुझसे चर्चा करते। लेकिन इनकी मंशा तो सिर्फ जाति, पंथ, संप्रदाय, इसी से वोटों को साधने के चक्कर में रहते थे और यही काम वो आज भी कर रहे हैं।

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