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गेस्ट हाउस कांड पर मायावती का बयान- 'कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

यूपी की राजनीति में एक दूसरे के धुर विरोधी रहे मायावती और मुलायम आज वर्षों पहले की कड़वाहट भुलाकर एक साथ चुनावी मंच पर आए। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए गेस्टहाउस कांड पर मायावती ने कहा कि 'कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं'

गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए रैली में मायवती ने कहा, '2 जून 1995 को हुए गेस्ट हाउस कांड के बाद भी लोकसभा चुनाव में गठबंधन का जवाब सभी चाहते होंगे। गेस्ट हाउस कांड के बाद भी सपा बसपा गठबंधन हुआ। कभी-कभी देशहित में ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं। हम सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए एक साथ आए हैं।'

आपको बता दें कि मया ने गठबंधन को ऐलान करते हुए कहा था कि वह गेस्ट हाउस कांड को किनारे रखकर जनहित में गठबंधन कर रही हैं। यानि वह इस चर्चित को घटना को भुला नहीं पाई हैं।  लेकिन पीएम मोदी को रोकने के लिए मायावती ने मुलायम सिंह यादव के लिए वोट मांगा । माया ने सपा के संयोजक मुलायम सिंह यादव को रिकॉर्ड तोड़ वोट देकर जीताएं ।


माया ने कहा मुलायम सिंह यादव ने समाज के हर वर्ग को अपने साथ जोड़ा है। खासकर पिछड़े वर्ग के लोगों को इन्होंने अपने साथ जोड़ा है। वह खुद भी पिछड़े वर्ग के हैं. लेकिन, पीएम नरेंद्र मोदी की तरह नकली नहीं हैं।'

मायावती ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी अपनी गलत नीतियों से सत्ता से बाहर जाने वाली है. बीजेपी की कोई नाटकबाजी और जुमलेबाजी नहीं चलेगी. इस बार चौकीदारी की नई नाटकबाजी बीजेपी को नहीं बचा पाएगी। अच्छे दिन का चुनावी वादा खोखला साबित हुआ।

 

वहीं रैली में मुलायम सिंह यादव ने सपा कार्यकर्ताओं से कहा कि आप सभी मायावती का सम्मान करिए। गठबंधन को जिताइए। मायावती का कभी साथ मत छोड़िएगा। बता दें मैनपुर सीट मुलायम सिंह यादव का गढ़ माना जाता रहा है।

 

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