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आपके पैसे की लूट का खुलासा : विधायक के स्टडी टूर के नाम पर सहयोगियों की अय्याशी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें बिहार के जेडीयू विधायक के सहयोगियों को मणिपुर में डांस करते देखा जा रहा है। वीडियो देखने पर आपको एक बार को ये महसूस होगा कि आप किसी भोजपुरी फिल्म का सीन देख रहे हैं, लेकिन एक बार इसकी म्यूजिक को फिर गौर से सुनिये। तो बता दें ये भोजपुरी फिल्म का गाना तो नहीं है। लेकिन ये व्यक्ति बिहार का हो सकता है। इस सीन को भारत म्यांमार की सीमा से सटे कस्बे मोरेह में शूट किया गया है। और इन महानुभावों का ताल्लुक़ देश के राजनेताओं से है...

जिन लोगों को आप इस वीडियो में देख रहे हैं वो इंडो-म्यांमार बॉर्डर पर यूं ही नहीं आए हैं। इन्हें सरकारी कार्यक्रम के तहत फ्री राइड और फोटो शूट का मौका मिला है। लेकिन इन्होंने जो कुछ भी किया वो बिहार विधानसभा और उसके विधायकों को शर्मसार करने वाला है।


जिस शख्स को आप इस वीडियो पर अश्लील हरकतें करते देख रहे हैं। वो अपनी गोद में एक लड़की को लेकर बैठा है उस व्यक्ति का नाम संतोष बताया जा रहा है।और ये दूसरा व्यक्ति जो अश्लील डांस करता हुआ दिखाई दे रहा है। इसका नाम विजय है, ये दोनों मणिपुर के मोरेह में सरकारी मेहमान बनकर गंदा खेल खेल रहे हैं।

बता दें ये दोनों बिहार से जेडीयू विधायक राज कुमार राय के बेहद करीबी बताए जाते हैं और ये इनके साथ सार्वजनिक जगहों पर भी देखे जा सकते हैं। लेकिन जब आप इन्हें अश्लील हरकतें करते हुए देखेंगे तो आपको ये शक होने लगेगा कि ये वही लोग हैं जो बिहार एसेंबली में रुतबा गांठते पाए जाते हैं।

दरअसल, बिहार विधायकों का एक डेलीगेशन मणिपुर में स्टडी टूर पर ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत आया हुआ था और इनका नाम तो मणिपुर एसेंबली के प्रोटोकॉल ऑफिसर ने हाथ से लिखा था। इसके साथ ही संतोष का नाम बतौर बिहार एसेंबली के कर्मचारी की तरह दर्ज है। लिहाजा रिपब्लिक भारत ने इस मामले को बेनकाब करना जरूरी समझा। इसी क्रम में सबसे पहले हमने बीजेपी विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह को फोन किया। इस घटना पर बीजेपी विधायक ने बताया कि लोग अश्लील डांस करते दिखाई दे रहे हैं। उनका ताल्लुक जेडीयू विधायक से है। लिहाजा ये जानने के लिए हमने जेडीयू विधायक राजकुमार राय को फोन किया। उनेस मिलने कर जब रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश सिंह ने बता कि तो काफी ना नुकुर के बाद जेडीयू विधायक राजकुमार राय ने मान लिया कि अश्लील डांस करने वाला शख्स उनका सहयोगी है। इसके बाद उन्होंने इस कड़वे सच को स्वीकार कर लिया और शर्मिंदा भी हुए कि उनके सहयोगी ने पूरी बिहार की जनता के सम्मान को नुकसान पहुंचाया है।


ऐसे में रिपब्लिक भारत मीडिया नेटवर्क पूछता है सवाल?

विधायकों के सहयोगी किस हैसियत से मणिपुर विधानसभा में गए?
विधायकों के सहयोग किस हैसियत से डेलीगेशन का हिस्सा बने?
विधायकों के सहयोगियों को हर जगह जाने की अनुमति कैसे मिली?
क्या ये महज संयोग है कि विधायकों के साथ वो हर जगह दिखाई दिए?
अगर वे डेलीगेशन का हिस्सा थे तो क्या सरकार खर्च वहन करेगी?
विधायकों ने माना कि वे उनके सहयोगी हैं, तो वे डेलीगेशन का हिस्सा कैसे बने?
क्या ये शर्मनाक नहीं है कि डेलीगेशन का हिस्से बने लोग उत्पीड़न करते दिखाई दिए?
क्या ये ईस्ट ऐक्ट पॉलिसी के डेलीगेशन के लिए शर्मिंदगी का विषय नहीं है?
क्या स्टडी टूर पर गए डेलीगेशन ने जनता के साथ धोखा नहीं किया?

इस मामले में बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने रिपब्लिक भारत से बात करते हुए कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि विधानसभा की आंतरिक संसाधन कमेटी की ओर से चार विधायक और कुछ कर्मी यहां से 27 मई को स्टडी टूर पर मणिपुर गए थे।

उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से जो खबरें आ रही हैं, वे विधानसभा के सदस्यों की मर्यादा से जुड़ा मामला है। चौधरी ने कहा कि पहली नजर में वीडियो में जो लोग दिख रहे हैं, वे विधायक नहीं हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। 

बिहार विधानसभा की आंतिरक संसाधन की कमेटी के सभापति यदुवंश प्रसाद यादव की अध्यक्षता में चार विधायकों की टीम 27 मई को मणिपुर रवाना हुई थी. इस दल में राजद के विधायक शिवचंद्र राम, भाजपा के सचींद्र प्रसाद और जद (यू) के राजकुमार राय भी शामिल थे. यह टीम तीन जून को लौट आई है।
 

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