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अनंतनाग सीट से महबूबा मुफ़्ती की हार, कहा- मेरी नाकामियों के लिए गुस्सा कर सकते हैं लोग

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जम्मू कश्मीर की तीन लोकसभा सीटें बरकरार रखती हुई नजर आ रही है जबकि पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अपने गढ़ अनंतनाग सीट में हार का सामना करना पड़ा।

राज्य का सबसे बड़ा उलटफेर अनंतनाग सीट पर देखने को मिला जहां नेशनल कांफ्रेंस उम्मीदवार और उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हसनैन मसूदी ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा को मात दी।

कम मतदान वाले मुकाबले में, मसूदी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी ए मीर से कड़ी चुनौती मिली लेकिन अंत में मसूदी ने मीर को 6676 वोटों के अंतर से हराया। महबूबा का प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा और उन्हें केवल 30 हजार 500 वोट मिले।

महबूबा ने ट्वीटर पर हार स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे अपने लोगों का प्यार और स्नेह मिला। उन्हें मेरी नाकामियों के लिए अपनी नाराजगी जताने का पूरा अधिकार है। मैं उनके फैसले को पूरी नम्रता से स्वीकार करती हूं। नेशनल कांफ्रेंस के विजयी उम्मीदवारों को बधाई। मैं अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और सहयोगियों की आभारी हूं।’’ 

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने ‘‘ऐतिहासिक’’ सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बधाई दी।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐतिहासिक जनादेश के लिए नरेंद्र मोदी जी को बधाई। आज निश्चित रूप से भाजपा और इसके सहयोगियों का है। कांग्रेस के लिए एक ‘अमित शाह’ खोजने का समय।’’ 

बता दें, जम्मू और कश्मीर के 6 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक पीडीपी के मुजफ्फर हुसैन बेग के पास था। हालांकि 2018 में घाटी में भाजपा-पीडीपी गठबंधन के टूटने से महबूबा मुफ्ती की पार्टी का समर्थन आधार कम हो गया है।  

उत्तरी कश्मीरी 2014 तक एनसी का गढ़ था लेकिन उसके बाद पीडीपी के उम्मीदवार ने सीट जीती थी, हालांकि वो फिर इस सीट से चुनाव नहीं लड़े। 

बता दें, निर्वाचन क्षेत्र में बारामूला, सोपोर, कुपवाड़ा, हंदवाड़ा और बांदीपोरा जैसे बड़े शहर शामिल हैं। 

सज्जाद लोन के पीसी उम्मीदवार राजा ऐजाज अली, जो खुद पहाड़ी हैं  वो फारूक अब्दुल्ला के एनसी के लिए एक बड़ा खतरा माने जाते हैं। 

विवाद

कुल मिलाकर, राज्य का मतदान प्रतिशत अलगाववादियों की धमकी के चलते काफी कम रहा। 

नेकां के नेता अकबर लोन ने दिसंबर में पीडीपी और भाजपा नेताओं के एक साथ 'गोमांस और पोर्क' खाने पर विवाद खड़ा कर दिया था। और 25 मार्च को भाजपा के 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे के विरोध में एक जनसभा में  'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाकर एक और विवाद खड़ा कर दिया, उन्होंने यहां तक ​​कहा कि वह पड़ोसी देश को गाली देने   वालों को गाली देंगे। 

यह बयान पुलवामा के उस भयानक हमले के एक महीने बाद आया है जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। 

इतिहास

2014 के संसदीय चुनावों में, बेग ने एनसी के नेता शारद उद-दीन शारिक को 29,219 मतों से हराया।

पीडीपी ने केवल एक बार सीट जीती है, जबकि भाजपा निर्वाचन क्षेत्र में प्रवेश करने में असमर्थ रही है। कांग्रेस ने 1957 से 1971 तक सीट पर कब्जा किया, फिर नेकां ने 1977 से 1989 तक, फिर 1999, 2004 और 2009 में सत्ता संभाली।

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