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साध्वी प्रज्ञा को NIA से क्लीन चिट मिल चुकी है, इसके बाद बीजेपी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया- देवेंद्र फडणवीस

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रिपब्लिक भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर पर विस्तार से बात की। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ने 'पूछता है भारत' कार्यक्रम में शरीक हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कई सुलगते हुए सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब भी दिया।

साध्वी प्रज्ञा पर बोलते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा साध्वी प्रज्ञा पर आरोप लगे उनको NIA ने क्लीन चिट दी। NIA के क्लीन चिट देने के बाद उन्हें टिकट दिया गया है। मेरा सवाल यह है कि आरोप तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी के उपर भी लगे। वह भी बेल में हैं। वह चुनाव कैसे लड़ रहे हैं? NIA ने क्लीन चिट में साफ दिखाई दे रहा है कि अल्पसंख्य वोटरों को खुश करने के लिए एक नैरेटिव तैयार करने की कोशिश की गई।

इससे पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) पर बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर बंगलादेश में और पाकिस्तान में हिंदुओं को प्रताड़ित किया जाता है। तो कहां जाएंगे वह। उनका एक ही देश है और यह भारत उनका ही देश है। इस देश के संस्कार यह है कि जब यहूदियों को दुनिया ने बाहर निकाला था तो इसी देश ने पनाह दी। इस देश ने जिनको- जिनको नाकारा उनको पनाह दी। जो हमारे देश के और विभाजन के वक्त उधर गए और उधर के लोग भी उन्हें कहते है कि तुम हमारे नहीं हो तो उनको हम ऐसे छोड़ दें। इस देश में पाकिस्तान से आने वाला हिंदु हो या सिंधी हो उसको जगह मिलेगी।


वहीं महाराष्ट्र में 16 प्रतिशत मराठा आरक्षण पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि '' मेरा आरक्षण को समर्थन है। मराठा समाज को आरक्षण छत्रपति साहू महाराज ने अफर्मेटिव ऐक्शन इस देश में लाया। उस अफर्मेटिव एक्शन में जिनको आरक्षण मिला वह मराठा समाज था। यह दुर्भाग्यवश आजादी के बाद कुछ कमिशन बने और उन्होंने मराठा समाज को आरक्षण से बाहर निकाल दिया । जिस समाज को आरक्षण था उसे बाहर निकाल दिया गया।

महाराष्ट्र में सूखे कि स्थिति पर बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा मैं मानता हूं यहां अकाल है, लेकिन आज महाराष्ट्र में 4700 पानी के टैंकर लगे हैं। 2012 का आंकड़ा देखोंगे तो उस वक्त भी अकाल था लेकिन जलयुक्त शिवार अभियान नहीं था। आज अगर बारिश नहीं होती है तो इसके लिए सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन सरकार इससे निजात पाने के लिए क्या कर रही है इस पर गौर करिए। हमारी सरकार ने पीने की पानी कि व्यवस्था की। हमने मवेशियों की व्यवस्था की और अगर जलयुक्त शिवार अभियान नहीं होता तो साल 1972 से खराब हालात होती।  हमारे मराठवाड़ा के कई जिलों में 50 फीसदी से कम बारिश है , शोला पुर में 35 फीसदी बारिश है। वैदर्भ में 40 फीसदी बारिश है। तो इसलिए बारिश कम होगी तो अकाल तो आएगा ही।

बता दें पिछले साल मार्च 2018 में महाराष्ट्र में किसान आंदोलन ने जोर पकड़ा था इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दो टूक शब्दों में कहा कि 'महाराष्ट्र में आंदोलन करने वाले किसान नहीं, बल्कि आदिवासी थे'

देवेंद्र फडणवीस ने कहा उन आदिवासीयों को जंगल में अपने जमिन का अधिकार चाहिए था। हमने 1 लाख लोगों को उनका अधिकार दिया। उन्होंने कहा आंदोलन में जितने भी आदिवासी आये हमने उनसे बात की, हमने उनके बात को मान्य किया।  

देवेंद्र फडणवीस ने कहा आंदोलन में आये लोगों में किसी ने नहीं कहा कि वह किसान हैं। वह यह मांग लेकर आये थे कि ट्राइबल को जंगल में जमीन का अधिकार मिलना चाहिए। यह बिलकुल सही बात थी इसलिए में उनलोगों को मिला और  केबल मिला नहीं बल्कि केवल 6 महिने में हमने 1 लाख ट्राइवल को उनके जमिन का अधिकार दिया। आज महाराष्ट्र ट्राइवल को उनके अधिकार देने में नंबर वन पर है। 


 

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