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विपक्ष पर पीएम मोदी का हमला- 'A-SAT की तरह के परीक्षण अचानक नहीं होते"

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

एक तरफ तो पूरा देश अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाने पर जश्न मना रहा है, एक दूसरे को शुभकामनाएं दे रहा है, DRDO के वैज्ञानिकों पर गर्व कर रहा है। ठीक उसी वक्त देश की सत्ता के लिए लालायित कुछ विपक्षी दल देश की इस बड़ी उपलब्धि को भी सियासी राजनीति से जोड़ने में जुटे हैं। 
 
अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों को लेकर PM के संदेश के बाद पूरे विपक्ष खलबली मच गई है।  इसी बीच देश के नंबर वन न्यूज़ चैनल में रिपब्लिक भारत के साथ ऐतिहासिक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि कोई भी परीक्षण बस ऐसे नहीं हो जाता, इसके लिए एक लंबी प्रक्रिया होती है।

इस तरह के प्रयोग अचानक नहीं होते इसके लिए दुनिया के देशों को इस बात से अवगत करना होता है कि हमें अंतरिक्ष में जगह चाहिए ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो जाए।  विपक्ष के द्वारा मिशान शक्ति की टाइमिंग पर सवाल उठाने पर पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया से तालमेल करके आपको समय मिलता है तभी आपको परीक्षण का समय मिलता है। 

गौरतलब है कि भारत ने अंतरिक्ष में एंटी सैटेलाइट मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराते हुए आज अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज कराया और ऐसी क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया।

प्रधानमंत्री ने समूचे देश को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘मिशन शक्ति के तहत स्वदेशी एंटी सैटेलाइट मिसाइल ‘ए..सैट’ से तीन मिनट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया गया है"

प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत अंतरिक्ष में निचली कक्षा में लाइव सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया है। मोदी ने आगे कहा था कि भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में जो काम किया है वह देश की सुरक्षा, आर्थिक विकास और तकनीकी प्रगति से जुड़ा है । यह कार्य सफल, समृद्ध, सुरक्षित एवं शांतिप्रिय राष्ट्र की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक है । ‘‘हम आगे बढ़ें और भविष्य की चुनौतियों के लिये तैयार रहें ।’’ 

प्रधानमंत्री ने आगे कहा था कि शांति एवं सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए एक मजबूत भारत का निर्माण जरूरी है और हमारा उद्देश्य शांति का माहौल बनाना है, न कि युद्ध का माहौल बनाना।
 

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