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वामदलों को महागठबंधन से बाहर रखने से भाजपा विरोधी मतों के ध्रुवीकरण की संभावना कमजोर हुई: भाकपा माले

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

भाकपा माले ने शनिवार को कहा कि वामदलों को महागठबंधन से बाहर रखे जाने से भाजपा विरोधी मतों के ध्रुवीकरण पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने शनिवार को कहा कि वामदलों को बाहर रखकर महागठबंधन द्वारा सीटों के बंटवारे से भाजपा विरोधी मतों के ध्रुवीकरण की संभावना कमजोर हुई है।
 
उन्होंने कहा कि भाकपा माले पूर्व से घोषित बिहार की पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी और राजद द्वारा अपने कोटे से एक सीट माले को देने के मद्देनजर एक सीट राजद के लिए छोड़ देगी।
 
कुणाल ने कहा कि भाकपा माले भाकपा को बेगूसराय में और माकपा को उजियारपुर में समर्थन देगी तथा राज्य की शेष बची सीटों पर भाजपा-राजग को हराने के अभियान में उतरेगी।
 
उन्होंने भाजपा पर देश के लोकतंत्र, संविधान, जनता के अधिकार और देश की गंगा-जमुनी संस्कृति के खिलाफ बड़ा खतरा बनकर सामने आने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे में परिस्थिति की मांग है कि उपरोक्त खतरे के मद्देनजर लोकसभा चुनावों में विपक्ष का एक-एक वोट संगठित हो और भाजपा को कड़ी शिकस्त दे। हालांकि कांग्रेस-राजद सहित अन्य दलों द्वारा कल जिस तरह वामपंथ को बाहर रखते हुए भाजपा विरोधी गठबंधन का स्वरूप सामने लाया गया है, वह भाजपा विरोधी वोटों के व्यापक ध्रुवीकरण और बिहार की जमीनी हकीकत के अनुकूल नहीं है।
 
कुणाल ने कहा कि ऐसा लगता है कि 2015 के जनादेश के साथ हुए विश्वासघात और गठबंधन की विफलता से कोई सबक नहीं लिया गया है।
 
उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने जिस तरह सीटों का आपस मे बंटवारा किया है और वामदलों व उनकी स्वाभाविक दावेदारी वाली सीटों को नजरंदाज किया है, वह न्यायसंगत नहीं है।
 
कुणाल ने कहा कि पहले ही हमने कम सीटों पर लड़ने का फैसला किया था ताकि भाजपा विरोधी मतों में बिखराव न हो।
 
माले ने छह सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया था जिसमे से बाद में हमने वाल्मीकिनगर सीट भी छोड़ दी। शेष पांच सीटें आरा, सीवान, काराकाट, जहानाबाद और पाटलिपुत्र हैं।
 
कुणाल ने कहा कि राजद द्वारा अपने कोटे से एक सीट की पेशकश माले को की गयी है। हम भी अपनी उपरोक्त पांच लड़ी जाने वाली सीटों में से एक सीट राजद के लिए छोड़ देंगे।
 
इस बीच माकपा के राज्य सचिव अवधेश ने बताया कि उनकी पार्टी के राजनीतिक ब्यूरो ने वाम दलों के गठन को ध्यान में रखते हुए सीट बंटवारे के फार्मूले की घोषणा करने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई है।
 
उन्होंने कहा कि हमने अपने युवा सदस्य अजय कुमार को उजियारपुर से चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। हम उन सीटों पर अन्य वाम दलों का समर्थन करेंगे जहां वे अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारेंगे।
 
राजग ने बिहार भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद नित्यानंद राय को उजियारपुर से चुनावी मैदान में उतारा है।
 

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