Elections

जम्मू-कश्मीर: लोकसभा के साथ राज्य में विधानसभा चुनाव करा सकता है चुनाव आयोग

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

देश में चुनावी सीजन शुरू हो चुका है. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चर रहा है. चुनाव के मद्देनज़र एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है. मिली जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ करा सकता है.

चुनाव आयोग से मिली ख़बर के अनुसार वो अगले साल 21 मई से पहले जम्मू कश्मीर में नए विधानसभा चुनाव कराने हैं. जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बीते 21 नवम्बर को राज्य विधानसभा भंग कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश का जिक्र करते हुए सूत्रों ने बताया कि विधानसभा भंग होने के बाद नए चुनाव छह माह के भीतर कराने होते हैं. जम्मू कश्मीर के लिए ये समय सीमा अगले साल 21 मई है.

सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ किया है कि चुनाव आयोग को पहले उपलब्ध मौके पर चुनाव कराने चाहिए. उन्होंने बताया, ‘ऐसी संभावना है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ कराए जा सकते हैं.’ 

जम्मू कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है जबकि अन्य विधानसभाओं और लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है. इस बीच सरकार के सूत्रों ने बताया कि जब राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए सुरक्षा बल तैनात किए जाते हैं तब चुनाव अधिकारियों के लिए विधानसभा चुनाव एक साथ कराना सुविधाजनक रहेगा.

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. उन्होंने 87 सदस्यीय सदन में कुल 56 विधायकों के समर्थन का दावा किया था. लेकिन महबूबा के दावा पेश करने के तुरंत बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग कर दी थी.

दो सदस्यों वाली पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया था. लोन ने भारतीय जनता पार्टी और अन्य पार्टियों के 18 विधायकों के समर्थन से ये दावा पेश किया था.

राज्यपाल ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि सरकार बनाने में धन के इस्तेमाल और खरीद फरोख्त को रोकने के लिए ये जरूरी था. राज्य में 19 जून को राज्यपाल शासन लगाया गया था जब भाजपा, पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार से हट गई थी. उस समय राज्यपाल ने विधानसभा को भंग न कर निलंबित रखा था.

बता दें, पीडीपी के साथ बीजेपी ने अपना गठबंधन तोड़ लिया था जिसके बाद राज्य में जून से राज्यपाल शासन लागू है.

(इनपुट : भाषा) 

DO NOT MISS