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चुनाव प्रचार पर बैन: चुनाव आयोग के फैसले पर मायावती बोलीं, 'ऐसे आदेश को लोकतंत्र की हत्या नहीं कहा जायेगा तो क्या कहा जायेगा?'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान विवादित टिप्पणी करने पर निर्वाचन आयोग ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीएसपी प्रमुख मायावती के चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई है। आयोग के कार्रवाई के बाद मायवती ने सोमवार को रात लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आयोग की कार्रवई पर सवाल खड़ा किया है। मायवती ने कहा 7 तारीख को बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के संदर्भ में मुझे 48 घण्टो के लिए प्रतिबंधित करता है। इसीलिए एडवांस में आप लोगो से मिल रही।

उन्होंने कहा देवबंद में दिए गए भाषण का शो कॉज नोटिस दिया गया था उसका जवाब हमने दे दिया था। आदेश में कहा गया हमारे जवाब को देखा, और भाषण भड़काऊ है और आचार संहिता का उल्लंघन है। जिससे वोट एक तरफा हो जाये ऐसा भाषण नही देना चाहिए था। कारण बताओ नोटिस में लेकिन ये नही लिखा था कि भड़काऊ भाषण दिया था ।

मायावती ने कहा कारण बताओ नोटिस में केवल एक ही आरोप लगाया था कि एक समाज के नाम से वोट मांग रहे हैं। जवाब में स्पष्ट कर दिया था मजहब जाति के आधार पर वोट नही मांगा था। खास तौर पर मुस्लिम समाज से कहा था कि नाते रिश्तेदारों के चक्कर मे वोट नही बटनां चाहिए और एक साथ गठबंधन को वोट देकर bjp को हराना है।

उन्होंने कहा भाषण की कोई CD भी नही उपलब्ध कराई गई। भाषण से स्पष्ट हो जाएगा कि मैंने एक समाज से नही सर्वसमाज से वोट मांगा था।

मायावती ने कहा ऐसा अधिकार चुनाव आयोग द्वारा दिया गया है कि बगैर किसी सुनवाई के मुझे इन अधिकारो से क्रूरता पूर्ण माना जायेगा। इसे काला दिवस माना जायेगा। इसे दबाव में लिया गया लगता है। शोषित वंचित समाज स्वीकार नही करेगा।

उन्होने  18 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग है। कल प्रचार का आखिरी दिन है। आगरा फतेहपुर मथुरा के लिए आगरा की संयुक्त रैली में अपील न कर सके। अगर मंशा नही होती तो कल से नही लागू किया गया होता।

मायावती ने कहा योगी पर दिए गए आदेश से bjp को कोई फर्क नही पड़ता क्योकि वो पार्टी के अध्यक्ष नही है। आयोग ने अमित शाह और मोदी को नफरत फैलाने की खुली छूट दे रखी है। आयोग ने कान आंख बंद कर लिए है

मायावती ने कहा मुझे अपने अनुयायियों पर भरोसा है। बिना डरे हुए अपने वोट बसपा गठबंधन को देकर bjp की जमानत जब्त कराने का काम करेंगे

उन्होंने यही सही मायने में निर्वाचन आयोग के असंवैधानिक आदेश का जवाब होगा मेरे समर्थक आगरा रैली में पहूंच जाए , पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मेरे संदेश के रूप में रहेंगे। जो जाएंगे वही मेरे संदेश होंगे। सबके मुंह नही बंद कर सकते।

मायावती ने कहा पूरा देश जानता है मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। इनको जनता को जवाब देना बहुत मुश्किल हो रहा है। इसीलिए इनके नेता और प्रधानमंत्री पुलवामा में शहीदों को भुनाने में लगे है और धार्मिक भावनाओं को भड़काने में लगी है

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अली बली के नाम पर बाटने का पूरा प्रयास किया। कमजोर लोगो को गुमराह होने से रोकने के लिए मुझे बताना पड़ा कि यूपी के मुख्यमंत्री जो अली बजरंगबली की आड़ में जीतना चाहते है उनके बहकावे में नही आना है। हमारे अली भी है और बजरंग बली भी है। दोनों में से कोई गैर नही। बजरंगबली इसलिए भी चाहिए क्योंकि मेरी दलित जाति से जुड़े है। इसकी खोज हमने नही योगी जी ने की है 
मैं आभारी हूँ इन्होंने वंशज की जानकारी दी। हमारे साथ अली और बली है।

मायावती ने कहा अपर कास्ट के लोग भी हमारे साथ है । योगी को न अली का न बजरंगबली का और न गरीब अपर कास्ट का वोट मिलेगा। हमे सब जातियों का वोट मिल रहा है। हमारी पार्टी धर्म जाति के नाम पर घिनौनी राजनीति नही करती। जैसा कि bjp के लोग करते हैं।

उन्होंने कहा मेरी कही गई बात से नही लगता कि मैंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। देवबंद में भी दो धर्मो से वोट बाटने की अपील नही थी। एक ही धर्म के अर्थात मुस्लिम धर्म के एक उम्मीदवार को वोट देने की अपील की थी ताकि वोट न बंट सके। इसलिए ये नफरत फैलाने में नही आता।

मायावती ने कहा मेरी जनसभाओं पर रोक लगा दी और दिखावे के लिए मुख्यमंत्री पर कुछ घंटों की रोक लगा दी। लेकिन मोदी को नोटिस जारी करने की हिम्मत नही हो पा रही।
इससे मुख्य चुनाव आयोग की दलित विरोधी मानसिकता साफ जाहिर होती है

उन्होंने कहा मोदी को आयोग ने कई बार कहा है सेना का इस्तेमाल नही करना है। लेकिन मोदी लगातार सेना का इस्तेमाल कर रहे है। इस पर रोक लगानी चाहिए। इसीलिए मामला SC में गया हैकल प्रतिबंध लगा है इसलिए आज ही समय का सदुपयोग करते हुए जनता से जिताने की अपील करती हूँ

मायावती ने कहा मीडिया के जरिए आगरा फतेहपुर लोकसभा सीट के लोगो से अपील करती हूँ मेरे न पहुंचने से बिल्कुल हताश न हो। मैं इसकी भरपाई आगे चलकर कर दूंगी अगर केंद्र में सरकार बनने का मौका मिल जाता है। केंद्र में हमारी सरकार बनने पर मैं सबसे पहले आगरा फतेहपुर आऊंगी।

उन्होंने कहा मुझे बलि का बकरा बनाया गया। आगरा संयुक्त रैली में दलित विरोधी मानसिकता के चलते रोका गया।

मायावती ने आज़म खान के बायन पर कहा कि आज की प्रेस बहुत महत्वपूर्ण है। आज और मसले पर बात नहीं। इस मसले पर आगे प्रेस बुला लूंगी।


 

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