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लोकसभा चुनाव में हार सामूहिक जिम्मेदारी, अकेले राहुल गांधी की नहीं : अशोक चव्हाण

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

 महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण ने शनिवार को कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार एक ‘‘सामूहिक जिम्मेदारी’’ है, अकेले पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की नहीं।  चव्हाण ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष पद से गांधी का इस्तीफा स्वीकार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

चव्हाण स्वयं नांदेड लोकसभा सीट से चुनाव हार गए हैं। चव्हाण को भाजपा के प्रताप चिकलिकर ने हराया।

चव्हाण ने मुम्बई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रचार अभियान एक सामूहिक जिम्मेदारी थी। राहुल ने कड़ी मेहनत की और आगे से नेतृत्व किया। राज्यों में उन सभी वरिष्ठ नेताओं को भी पद छोड़ना चाहिए जो राज्य इकाइयों में पदों पर हैं, ताकि एक नयी टीम आ सके। महाराष्ट्र में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के चलते मेरे सहयोगी और मैं इस्तीफा देने को तैयार हैं।’’ 

महाराष्ट्र में कांग्रेस की सीटों की संख्या घट कर मात्र एक हो गई है। इस लोकसभा चुनाव में काग्रेस के सुरेश धनोड़कर चंद्रपुर से जीते हैं।

राज्य में लोकसभा की 48 सीटें हैं जो कि उत्तर प्रदेश की 80 सीटों के बाद से सबसे अधिक हैं।

चव्हाण ने कहा, ‘‘पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। चुनाव से संबंधित निर्णय लेने के लिए सभी को विश्वास में लिया गया। हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार हैं। एक रिपोर्ट मांगी गई है।’’ 

चव्हाण ने स्वीकार किया कि प्रकाश आंबेडकर नीत वंचित बहुजन अगाड़ी (वीबीए) ने कांग्रेस...राकांपा गठबंधन को ‘‘नौ से 10 सीटों’’ का नुकसान किया। वीबीए की एक घटक ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) है। 

चव्हाण ने वीबीए को ‘‘भाजपा की बी टीम’’ बताया।

चव्हाण नांदेड में 40 हजार वोट से हार गए और वीबीए उम्मीदवार को करीब एक लाख वोट मिले।

चव्हाण ने विश्वास जताया कि इस वर्ष बाद में होने वाले विधानसभा चुनाव में कहानी अलग होगी और कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करेगी।

कांग्रेस की लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के कारणों पर मंथन के लिए पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई ‘कांग्रेस कार्य समिति’ (सीडब्ल्यूसी) की बैठक शनिवार को दिल्ली में हुई। 

सीडब्ल्यू बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने की। इस बैठक में संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी शासित चार राज्यों पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

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