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चीन से भारत पहुंची कोरोना वायरस की आफत: ऐसे पहचाने लक्षण, बचाव के लिए अपनाए ये तरीके

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

चीन से फैले खतरनाक कोरोना वायरस ने अब दिल्ली में भी दस्तक दे दी है। भारत में दो और नए मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है। यह केस दिल्ली और तेलंगाना में सामने आए हैं। दिल्ली में जिस व्यक्ति में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, वह इटली और ब्रिटेन से यात्रा करके आया है, जबकि तेलंगाना केस में व्यक्ति दुबई से लौटा है।

इस खतरनाक वायरस से अब तक करीब 3000 लोगों की जान जा चुकी है और 90 हजार के आसपास लोग संक्रमित हैं। समस्या यह है कि अभी तक इसका इलाज नहीं ढूंढा जा सका है। अधिकतर लोगों को कोरोना वायरस की खास जानकारी नहीं है। कई लोग अब भी इसे सीजनल फ्लू समझ रहे हैं जबकि दोनों अलग हैं। चीन से बाहर अब 9 गुना तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के दिल्ली तक पहुंचने से इसको लेकर बेचैनी बढ़ने लगी है।

भारत में कोरोना के दिल्ली के अलावा तेलंगाना में 2 नए मामले मिले हैं। इससे भारत में इसके कुल मामलों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। क्या कोरोना को लेकर खौफजदा होने की जरूरत है? तो इसका जवाब नहीं है। केरल में कोरोना वायरस के तीनों मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को खुद इसकी जानकारी दी। जानिए कोरोना से इतना घबराने की जरूरत क्यों नहीं है और आखिर भारत सरकार इस मोर्चे पर क्या कुछ कर रही है।

आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से: 

सीजनल फ्लू

  • पीड़ित व्यक्तियों में औसतन 0.1 फीसदी की जान जाती है।
  • हर मरीज औसतन 1.3 लोगों में संक्रमण फैलाता है।
  • 65 से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा।
  • पहले से बीमार हैं तो खतरा ज्यादा।

कोरोना वायरस

  • केवल वुहान में इससे संक्रमित 2 प्रतिशत की मौत। 
  • पूरे चीन में आंकड़ा 1.4 फीसदी।
  • एक संक्रमित व्यक्ति औसतन 2.2 लोगों को संक्रमित करता है।
  • प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर खतरा ज्यादा। 

अभी कोई इलाज नहीं

  • कोरोना की फिलहाल कोई दवा नहीं है, हालांकि कई परीक्षण चल रहे हैं। फ्लू की चार दवाइयां पहले से हैं। लक्षण सामने आने के 24 से 48 घंटे के अंदर दवा लेने से राहत मिल सकती है।

लक्षणों को समय रहते पहचानें

  • अचानक बुखार और सांस लेने में तकलीफ।
  • बहुत अधिक खांसी और जुकाम होना।
  • शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी।
  • किडनी और लिवर में तकलीफ। 
  • निमोनिया के लक्षण सामने आना।
  • पाचन क्रिया में तकलीफ शुरू होना।

ऐसे होती है पहचान

  • रियल टाइम पॉलीमीरेज चेन रिएक्शन से।
  • लार, कफ या रक्त के नमूने की जांच से होती है पुष्टि।

इन बातों का रखें ध्यान

  • बार-बार आंख, नाक मुंह छूने से बचें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले एन-95 मास्क पहनें।
  • संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखें।
  • सर्दी, जुकाम, बुखार और कफ होने पर अस्पताल जरूर जाएं।
  • 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धुलें।
  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • एक इंसान से दूसरे में फैलता है।

ऐसे करें बचाव

  • बार-बार आंख, नाक मुंह छूने से बचें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले एन-95 मास्क पहनें।
  • संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखें।
  • सर्दी, जुकाम, बुखार और कफ होने पर अस्पताल जरूर जाएं।
  • 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धुलें।
  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • एक इंसान से दूसरे में फैलता है।

 

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