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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी ने खत्म किया संशय, CM की कुर्सी पर बैठेंगे भूपेश बघेल

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

तीन राज्यों में कांग्रेस के शानदार कमबैक के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है. मध्यप्रदेश, राजस्थान और अब छत्तीसगढ़ में भी सीएम की कुर्सी के नाम का ऐलान हो चुका है. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के किले पर कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया है. ऐसे में काफी असमंजस के बाद छत्तीसगढ़ के किले में भी मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कांग्रेस पार्टी के आलाकमान ने नाम पर मुहर लगा दी है.  संगठन पर मजबूत पकड़ के चलते भूपेश बघेल का नाम  मुख्यमंत्री पद के लिए फाइनल हुआ है.

अब हर किसी का इंतजार अब खत्म हो चुका है. हर कोई टक-टकी लगाए बैठा था. जिसके बाद अब तस्वीर सामने आ चुकी है. कांग्रेस ने ये फैसला किया है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल को ही मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और कद्दावर नेता माने जाते हैं.

कुल मिलाकर राजस्थान और मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस ने नाम तय कर लिया है. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के चुनाव नतीजों में कांग्रेस ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी. जिसके बाद सबसे लंबे वक्त तक यहां मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खासा सस्पेंस बना रहा. लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर काफी देर तक बना संशय अब खत्म हो गया है. और भूपेश बघेल के नाम का ऐलान हो गया.

भूपेश बघेल के सफर पर एक नज़र..

  • भूपेश बघेल ने 80 के दशक में राजनीतिक जीवन में कदम रखा और आपनी सियासी पारी की शुरुआत की
  • वर्ष 1985 में वो कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े और नेशनल यूथ कांग्रेस में शामिल हो गए
  • वर्ष 1990 में उन्हें दुर्ग जिले से युवा कांग्रेस का नेतृत्व करना का मौका मिला
  • साल 1993 में पाटन निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार विधायक चुने गए
  • बघेल को वर्ष 1994 में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया
  • 1998 में विधानसभा के लिए वो दोबारा निर्वाचित हुए
  • इस दौरान बघेल को दिग्विजय सिंह सरकार में राज्यमंत्री (लोक शिकायत विभाग में) नियुक्त किया गया
  • साल 2003 में भी वो छत्तीसगढ़ के विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने रहे

दो लोकसभा चुनाव में मिली थी हार..

  • भूपेश बघेल पहली बार साल 2004 में दुर्ग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा
  • वर्ष 2009 के भी लोकसभी चुनाव में उन्‍हें भारतीय जनता पार्टी के उम्‍मीदवार के खिलाफ हार मिली

कब मिली छत्तीसगढ़ कांग्रेस की कमान..

साल 2014 में कांग्रेस पार्टी ने बघेल के हाथों में छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नेतृत्व करने का अवसर दिया. साल 2014 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए भूपेश बघेल पर 2018 विधानसभा चुनाव में फतेह करने का दारोमदार था. और ऐसा ही हुआ कांग्रेस पार्टी ने प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने जा रही है. इस सरकार के मुखिया खुद भूपेश बघेल को बनाया गया है. 

2018 में बघेल कहां से लड़े चुनाव..

छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में बघेल ने पाटन सीट से ही दाव आजमाया था और चुनाव में उन्होंने शानदार विजय हासिल की है.

कब विवादों  में आए बघेल..

भूपेश बघेल का विवादों से भी नाता रहा है. साल 2017 में सेक्‍स सीडी कांड मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. राज्य सरकार ने मामला CBI को सौंप दिया था. जिसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. ये वक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के लिए काफी मुश्किल दौर था.

छत्तीसगढ़ में 15 सालों से कांग्रेस सत्ता से बाहर थी. ये चुनाव पार्टी के लिए करो या मरो के बराबर था. पार्टी अध्‍यक्ष भूपेश बघेल ने इसके लिए काफी रणनीति बनाकर 15 सालों से सत्ता पर काबिज बीजेपी को उखाड़ फेंका साथ ही शानदार जीत के साथ कांग्रेस पार्टी की एक मजबूत सरकार बनाने डा रही है. ऐसे में अब सीएम की कुर्सी के लिए भी भूपेश बघेल के नाम का ऐलान हो चुका है.

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