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2019 की कांग्रेस 2014 से अलग, क्षेत्रीय नेताओं को अधिक तवज्जो दे रही है : अमरिंदर सिंह

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

 पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि 2019 की कांग्रेस 2014 से अलग है क्योंकि पार्टी पहले की तुलना में क्षेत्रीय नेताओं को अधिक महत्व दे रही है, साथ ही पार्टी अधिक आक्रामक बनी है।

सिंह के नेतृत्व में ही कांग्रेस ने 2017 में पंजाब में विधानसभा चुनाव जीता था। इससे पहले कांग्रेस ने 2014 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना किया था। 

सिंह ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा कि पिछले पांच वर्षों में ‘‘पार्टी के क्षेत्रीय नेताओं की राज्यों के लिए कांग्रेस के मामलों और उसकी नीतियों में अधिक बात सुनी जा रही है।’’ 

उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि क्षेत्रीय नेताओं का राज्यों में लोगों से बेहतर जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि इसलिए कांग्रेस का आज पूरे देश में लोगों की आकांक्षाओं की गहरी समझ है। 

सिंह ने अपनी इस दलील कि 2019 की कांग्रेस 2014 से अलग है, कहा, ‘‘पार्टी पहले की तुलना में क्षेत्रीय नेताओं को अधिक महत्व दे रही है।’’ 

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में पार्टी का विश्वास बढ़ा है, ‘‘पार्टी पूर्व में जो बचाव की मुद्रा में रहती थी अब आक्रामक बन गई है।’’ उन्होंने कहा कि इसका विशेष तौर पर वर्तमान राजनीतिक माहौल में स्वागत है जब देश को भाजपा के मुकाबले एक मजबूत विकल्प की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘संगठन में हमारे कामकाज के तरीके में स्पष्ट बदलाव आया है। अधिक पारदर्शिता और लोकतंत्र है। राहुल गांधी ने पिछले पांच वर्षों में अपने कामकाज के तरीके को इस तरह से विकसित किया है ताकि वे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से जुड़े सकें।’’ 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी लोकप्रियता के बारे में बात करते हुए कहा कि आज वे ‘‘झूठे और धोखेबाज के रूप में बेनकाब हो गए हैं जिन्हें सत्ता में बने रहने की अधिक चिंता है।’’  उन्होंने ‘टाइम’ पत्रिका की कवर स्टोरी का उल्लेख करते हुए मोदी को ‘‘डिवाइडर इन चीफ (विभाजन के सिरमौर)’’ बताया।

उन्होंने पंजाब में लोकसभा चुनाव के मुख्य मुद्दों के बारे में बात करते हुए कहा कि बरगड़ी में बेअदबी की घटनाएं राज्य में हावी हैं। 

बरगड़ी फरीदकोट लोकसभा क्षेत्र में एक स्थान है जहां मई 2015 में सिख पवित्र ग्रंथ की बेअदबी की घटना हुई थी।

1984 िर सिख विरोधी दंगों पर सैम पित्रोदा की विवादास्पद टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि इसे अब अधिक खींचा नहीं जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने इसके लिए माफी मांग ली है।

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