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लोकसभा में बुरी हार के बाद कांग्रेस में दो फाड़, पार्टी के एक गुट ने उठाई कैप्टन अमरिंदर को अध्यक्ष बनाने की मांग

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में आज वाड्रा परिवार का ड्रामा देखने को मिला है। CWC की बैठक में राहुल ने इस्तीफे का ड्रामा किया, हालांकि बैठक में राहुल के इस्तीफे को नामंजूर किया गया।

खबरों के मुताबिक कई नेता अब कांग्रेस पार्टी छोड़ सकते हैं। इस ड्रामेबाजी के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की मांग तेज होने लगी है। उधर सोनिया गांधी ने CWC की बैठक में राहुल का बचाव किया है। सोनिया ने राहुल को हार का इनाम देते हुए कहा कि मेरे बेटे को और ज्यादा पावर देनी चाहिए। 

वहीं कांग्रेस CWC की बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस के नेता सवालों से भागते नजर आए...अंबिका सोनी ने साफ कहा कि हमें बोलने से मना किया गया है वहीं अमरिंदर सिंह भी सवालों से बचते नजर आए। 

क सूत्र ने बताया कि बैठक में हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनावों पर भी चर्चा हो सकती है। सीडब्ल्यूसी के 23 सदस्यों में हाल ही में हुए चुनाव में सिर्फ चार लोग- पार्टी प्रमुख राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, गौरव गोगोई और ए. चेल्ला कुमार ही जीते हैं।

लोकसभा चुनाव में हारने वाले 12 अन्य सदस्यों में वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रघुवीर सिंह मीना, जितिन प्रसाद, दीपेंदर हुड्डा, सुष्मिता देव, के.एच. मुनियप्पा और अरुण यादव हैं।

सीडब्ल्यूसी के सात सदस्यों ने लोकसभा चुनावों में भाग नहीं लिया था। पार्टी ने कांग्रेस शासित पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मात्र 52 सीटें मिलने के बाद से ही मंथन शुरू हो चुका है। यह संख्या पार्टी को पिछले लोकसभा में पार्टी को मिलीं 44 सीटों से मात्र आठ ज्यादा है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राज बब्बर, प्रचार समिति प्रमुख एच।के। पाटिल, ओडिशा पार्टी प्रमुख निरंजन पटनायक और अमेठी जिला अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

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