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मध्य प्रदेश- संघ के क्षेत्रीय कार्यालय की सुरक्षा सरकार ने हटाई, फिर बहाल

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ :आरएसएस: के भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की सुरक्षा हटाये जाने के एक दिन बाद ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के इस पर सवाल उठाये जाने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संघ कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पुन: बहाल करने के निर्देश दिये हैं।

इससे पहले, सोमवार रात को प्रदेश सरकार ने आरएसएस के अरेरा कॉलोनी स्थित मध्य क्षेत्रीय कार्यालय समीधा की सुरक्षा व्यवस्था हटा ली थी। सरकार के इस कदम पर भोपाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से संघ कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने का आग्रह किया था।

मंगलवार को एक ट्वीट में दिग्विजय ने कहा, ‘‘भोपाल में आरएसएस कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था हटाना उचित नहीं है। मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से आग्रह करता हूं कि संघ कार्यालय की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था पुन: बहाल करने के आदेश दें।’’ सिंह के ट्वीट के कुछ घंटे बाद ही प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मुख्यमंत्री कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने संघ कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के निर्देश जारी कर दिये हैं।

कमलनाथ ने बयान में कहा,‘‘मुझे आरएसएस के भोपाल स्थित कार्यालय से चुनाव आयोग में की गयी एक शिकायत के चलते व चुनावी कार्य में फोर्स की आवश्यकता होने के कारण सुरक्षा हटा लेने की जानकारी मिली। कुल छह स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था हटायी गयी। मैंने अधिकारियों को तुरंत ही निर्देश दिये है कि आरएसएस कार्यालय पर पुनः सुरक्षा व्यवस्था की जाये।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस से भले हमारे वैचारिक मतभेद हो सकते हैं और आरएसएस भले ही हमारा विरोध करता रहा हो लेकिन मैं उनके कार्यालय से सुरक्षा हटाये जाने का पक्षधर नहीं हूँ।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसकी तह में भी नहीं जाना चाहता कि पिछले 15 वर्षों में भाजपा कार्यालय पर सुरक्षा बल तैनात रहे जबकि कांग्रेस कार्यालय को कोई सुरक्षा भाजपा सरकार में नहीं प्रदान की गयी। हमारी सरकार बनने के बाद भी हमने भाजपा कार्यालय को दी जा रही सुरक्षा व्यवस्था को जारी रखा। हमने भाजपा की तरह दोहरा आचरण नहीं रखा। भले आरएसएस कार्यालय के ज़िम्मेदार लोग कह रहे है कि हमने सुरक्षा नहीं माँगी, लेकिन मैं इस तरह की राजनीति में विश्वास शुरू से नहीं करता हूँ और ना इस तरह के विषय को राजनीति का केन्द्र बनाना चाहता हूँ।’’ कमलनाथ ने कहा, ‘‘जो भाजपा नेता इस मामले पर हो हल्ला मचा रहे है। हमले की आशंका जता रहे है। सुरक्षा की आवश्यकता बात रहे है। उन्हें विधिवत प्रक्रिया का पालन कर सुरक्षा की माँग वाला पत्र तुरंत प्रशासन को सौंपना चाहिये। सुरक्षा माँगना भी नहीं और कहना कि हटना भी नहीं चाहिये , यह दोनों बातें समझ से परे है। फिर भी मैं आरएसएस कार्यालय को पुनः सुरक्षा देने के निर्देश जारी कर रहा हूँ।’’ प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘चुनाव आयोग के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था हटाई गई थी। यह सुरक्षा सुदर्शन जी को दी गई थी। वर्ष 2012 में उनका निधन हो गया। चुनाव आयोग ने बिना आधिकारिक आदेश के उन सभी जगहों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी जहां ये दी जा रही थी।

सरकार के इस कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संघ कार्यालय से सुरक्षा को हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। संघ ने कभी सुरक्षा लगाने के लिये नहीं कहा था और न ही वह दूसरों पर निर्भर है। जब हम सरकार में थे तब हमें लगा कि उन पर आतंकी हमले का खतरा है तो हमारी सरकार ने संघ कार्यालय को सुरक्षा दी।

उन्होंने कहा कि सरकार को किसी व्यक्ति या संगठन की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करना चाहिये।

हालांकि, संघ के प्रचार प्रमुख :मध्य क्षेत्र: नरेन्द्र जैन ने एक बयान में कहा,‘‘समीधा कार्यालय में पुलिस चौकी की स्थापना प्रदेश प्रशासन का फैसला था। संघ ने सुरक्षा के लिये कभी नहीं कहा। अब सरकार ने सुरक्षा हटा दी है और उसे लगता है कि इसकी जरुरत नहीं है।’’

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