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मध्यप्रदेश में चुनाव के नतीजों में बीजेपी के गढ़ में सरकार बनाने की ओर कांग्रेस

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को 'सत्ता का सेमीफाइनल' के तौर पर देखा जा रहा था. ऐसे में मध्यप्रदेश का चुनावी रण बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था. 10 सालों से यहां सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी की हाथों से मध्यप्रदेश फिसलता दिखाई दे रहा है. चुनाव के नतीजों को लेकर मध्यप्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखी गई. 

लेकिन यहां अपनी बढ़ते के साथ कांग्रेस सरकार बनाने की रेस में बीजेपी से आगे दिखाई दे रही है. चुनावी परिणाम को लेकर मध्यप्रदेश में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिली हालांकि अंत में कांग्रेस पार्टी ने 10 साल से जीत का ताज पहनी बीजेपी को आखिरकार पीछे छोड़ ही दिया.  जीत और हार की तस्वीर अब लगभग साफ हो चुकी है. 

हालांकि फिलहाल के आकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से आधे 215 सीट पर कांग्रेस ने बढ़त बनाए रखी है. जबकि बीजेपी 108 सीटों के साथ कांग्रेस से 7 सीट पीछे है. और अनय की झोली में 7 सीटें जाती दिख रही हैं. 

ऐसे में मध्यप्रदेश चुनाव के नतीजों पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. कुछ ही देर में जीत और हार की तस्वीर साफ हो जाएगी और हर किसी के सस्पेंस ख़त्म हो जाएंगे. लेकिन अगर आंकड़े ऐसे रहे तो भी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए एक सीट की दरकार होगी हालांकि अन्य के खाते में जाते दिख रहे 7 में से एक सीट की मदद लेकर कांग्रेस को सरकार बनाने में खासा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी.

मध्यप्रदेश चुनाव नतीजों में 5 बड़े उतार-चढ़ाव..

  1. मध्यप्रदेश में बीजेपी एक बार फिर सत्ता में आने का दावा कर रही थी. इस दौरान चुनाव नतीजों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला काफी बार देखा गया. कभी बीजेपी कांग्रेस पर बढ़त बना रही थी तो कभी कांग्रेस कड़ी टक्कर के साथ बीजेपी को पटखनी देता दिखाई देता दिखा.
  2. मध्यप्रदेश में चुनाव के मद्देनजर अपनी पूरी ताकत झोंकने वाली कांग्रेस पार्टी ने राज्य में 140 सीटें जीतने का दावा किया था. हालांकि कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखी गई और किसी तरह कांग्रेस काफी उठा-पटख के बीच मध्यप्रदेश में सरकार बनाने जा रही है.
  3. मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के अंदर ही गुटबाजी की खबरें लगातार आ रही है. कहा जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कई मुद्दों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है. ऐसे में सरकार बनाने से पहले कई मसलों पर मतभेद देखे जा सकते हैं.
  4. मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य और दिग्विजय सिंह के बीच राहुल गांधी के सामने हुआ विवाद किसी से छिपा नहीं है. टिकट बंटवारे को लेकर दोनों के बीच घमासान हो चुका है. इसके साथ ज्योतिरादित्य और कमलनाथ के बीच मतभेद कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती हैं.
  5. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का चेहरा साफ नहीं किया है. लेकिन ये बात तो तय है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह तीनों ही प्रबल दावेदार हैं. कांग्रेस प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है लेकिन सीएम का चेहरा पार्टी के लिए मुश्किल का सबब बन सकती है.
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