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दिग्विजय की जीत के लिए कम्प्यूटर बाबा का हठ योग, साधु- संतों ने लगाया झूठ बोलकर बुलाने का आरोप

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

'नया भारत' बनाने का वादा करने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भोपाल से पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने चुनाव जीतने के लिए अब टोने टोटके, तंत्र-मंत्र और पूजा पाठ का सहारा लिया है। दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी और कंप्यूटर बाबा के साथ भोपाल में पूजा के लिए पहुंचे, जहां सैकड़ों साधु जुटे हुए थे। दिग्विजय ने इस दौरान साधुओं की मौजूदगी में अपनी पत्नी के साथ पूजापाठ और हवन किया। यहां साधुओं के लिए धूनी स्थल बनाया गया था। 

जब रिपब्लिक भारत की टीम ने इन साधुओं से बात की तो कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और कंप्यूटर बाबा की सच्चाई सामने आ गई । दरअसल इस भंडारे में सम्मिलित होने आए साधुओं को यह पता ही नहीं था कि उन्हें कांग्रेस पार्टी के लिए प्रचार करना है। दरअसल साधुओं को कंप्यूटर बाबा ने भंडारा के नाम पर भोपाल बुलाया और उन्हें कहा गया कि आपको दक्षिणा मिलेगा। 

रिपब्लिक भारत से बात करते हुए एक साधु ने कहा कि '' हम सब यहां कंप्यूटर बाबा के कहने पर आए हैं। कंप्यूटर बाबा ने हमें कहा कि सब माहत्मा यहां आएं। यहां भंडारा है लेकिन यहां आकर पता चला कि कांग्रेस पार्टी के पक्ष में बोलना है। दिग्विजय सिंह को जिताना है। लेकिन हम सन्यासियों को कोई पार्टी से लेना देना नहीं। बीजेपी आए या कांग्रेस आए। हमें तो सिर्फ दक्षिणा से मतलब हैं। हम तो घुमने फिरने वाले माहत्मा हैं। मैं महाराष्ट्र से आया हूँ।''

 साधु ने कहा कि ''हमें 100 रुपये से 5000 रुपए तक दक्षिणा मिलता हैं। यहां कितना मिलेगा यह नहीं पता। हमें यहां आने- जाने का टिकट मिलना भी बाकी है।''

इससे पहले रिपब्लिक भारत से बात करते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा ''यह अनुष्ठान, हठ योग और तप हो रहा है और साधु समाज यहां खड़ा हुआ है ताकि धर्म की जय हो और अधर्म का नाश हो। धर्म से चलने वाले व्यक्तियों को जैसे नर्मदा की परिक्रमा करके दिग्विजय सिंह आए और वह संतो के प्रति आस्था रखते हैं। वह धर्म से चलते हैं समाज की सेवा करते हैं। ऐसे ही व्यक्ति को ही संत समाज संसद में पहुंचाना चाहता है। इसलिए दिग्विजय सिंह को सभी संतो ने आर्शिवाद दिया। दिग्विजय सिंह राजा होने के बावजूद संतो और धर्म के प्रति आस्था रखने वाले व्यक्ति हैं। साध्वी पर हमला बोलते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा कोई नाम से साध्वी नहीं होता है।''  

बता दें बीजेपी साध्वी प्रज्ञा को हिंदू अस्मिता के चेहरे के रूप में प्रचारित कर रही है। ऐसे में कांग्रेस ने नया दांव को साध्वी के खिलाफ काउंटर के रूप में देखा जा रहा है। हिंदुत्व और कथित हिंदू टेरर जैसे मुद्दों पर छिड़े चुनावी घमासान के बीच दिग्विजय सिंह ने टोना- टोटका का दांव खेला है।

मध्यप्रदेश के 29 लोकसभा क्षेत्रों में से 16 पर मतदान शेष है। छठे और सातवें चरण में आठ-आठ सीटों पर वोट पड़ेंगे। 12 मई को छठे चरण में भोपाल, गुना, मुरैना, विदिशा, भिंड, ग्वालियर, सागर और राजगढ़ सीटों पर मतदान होगा।


 

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