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शत्रुघ्न सिन्हा ने जिन्ना को बताया 'कांग्रेस का हिस्सा', विवाद बढ़ता देख CM कमलनाथ ने दी ये सफाई

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

बीजेपी छोड़ कांग्रेस में हाल ही में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा के भारत के बंटवारे की मांग करने वाले और  पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तारिफ करने वाले बयान को लेकर अब विवाद बढ़ता हुआ दिख रहा है। जिस पर अब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा है।

दरअसल कमल नाथ के पुत्र नकुल के समर्थन में मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने जिन्ना को कांग्रेस परिवार का हिस्सा बताया था और देश के विकास में उनका योगदान होने की बात भी कही थी। जिसके बाद उनके इस बयान को लेकर  कांग्रेस की काफी आलोचना हो रही है।

कमलनाथ ने मीडिया से बात करते हुए सिन्हा का जिन्ना वाला बयान ना सुनने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैंने शत्रुघ्न सिन्हा का बयान नहीं सुना, अगर उन्होंने कुछ कहा होगा तो मैं किसी से बात कर रहा हो सकता हूं।

वहीं बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने सिन्हा के बयान पर सफाई देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि भारतीय जनता पार्टी एनडीए इतना बौखला गई है ना काम पर के नाम पर वोट मांग सकते हैं ना राम के नाम पर वोट मांग सकते हैं इसीलिए नॉन इशू को इशू बना रहे हैं। मोदी जी बिना बुलाए साड़ी दे आए शॉल दे आए और पठानकोट हो गया। किस संदर्भ में क्या कहा है शत्रुघ्न सिन्हा ने यह नहीं कह सकता। लेकिन कांग्रेस पार्टी इस देश के लिए लड़ी है। अंग्रेजों का साथ भाजपा की विचारधारा वाले लोगों ने दिया है। 

उन्होंने आगे सिन्हा के बयान की जानकारी ना होने का हवाला देकर कहा कि मैं पूरे बयान को देखे बिना किसी तरह से टिप्पणी नहीं कर सकता। पूरे बयान को देखने के बाद कांग्रेस पार्टी इस पर टिप्पणी करेगी। एक लाइन पर कॉमेंट देना मेरे लिए ठीक नहीं।

बता दें, सभा के दौरान सिन्हा ने कहा था, 'ये कांग्रेस परिवार महात्मा गांधी से लेकर सरदार पटेल, मुहम्मद अली जिन्ना से लेकर, जवाहर लाल नेहरू से लेकर, इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी से लेकर, राहुल गांधी से लेकर पहले के नेता सुभाष बोस इनकी पार्टी है"

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि कहा कि जिनका देश के विकास में देश की तरक्की में, देश की आजादी में सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा योगदान रहा। इसलिए हम यहां आए जब आ गया हूं और एक बार जब मैं आ गया हूं तो पहली और शायद आखिरी कांग्रेस पार्टी में आ गया हूं तो  मैं अब कभी पार्टी छोड़ के जाने के लिए नहीं। संक्षेप में मैं कह सकता हूं कुछ तो मजबूरियां रहीं होगी, यू हीं कोई बेवफा नहीं होता।

बता दें, हाल में वो बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं और पार्टी ने उन्हें पटना साहिब लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर उनका सीधा मुकाबला बीजेपी की दिग्गज नेता रविशंकर प्रसाद से है। बाद में उनकी पत्नी पूनम सिन्हा समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं और उनको महागठबंधन के प्रत्याशी के रूप में लखनऊ टिकट दिया।

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