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R.भारत के ऑपरेशन कर्जमाफी का असर, कमलनाथ का कबूलनामा- कर्जमाफी दस दिन में संभव नहीं

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार की किसान फसल रिण माफी योजना सत्तारूढ़ दल एवं मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के बीच चुनाव में आपसी आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनता जा रहा है। इस योजना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान द्वारा लगाये गये आरोप के जवाब में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दावा किया है अब तक प्रदेश में 21.06 लाख किसानों के फसल रिण माफ कर दिये गये हैं।

लेकिन किसानों की कर्जमाफी के मसले पर कांग्रेस की पोल खुल चुकी है, आज खुद मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने माना है कि वो दस दिनों के भीतर किसानों का कर्जमाफ करने का वादा पूरा नहीं कर पाए हैं। इसके साथ ही आर भारत के उस स्टिंग ऑपरेशन पर मुहर लग गई है, जिसमें हमने खुलासा किया था कि मध्यप्रदेश में किसानों के साथ धोखा हुआ है।

आज राहुल गांधी को किसानों से माफी मांगनी चाहिए, किसानों की कर्जमाफी के मसले पर कांग्रेस की पोल खुल चुकी है, आज खुद मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने माना है कि वो दस दिनों के भीतर किसानों का कर्जमाफ करने का वादा पूरा नहीं कर पाए हैं, आज खुद कमलनाथ ने माना है कि आज भी किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है, आज कमलनाथ ने आर भारत के उस स्टिंग ऑपरेशन पर मुहर लगा दी है, जिसमें हमने खुलासा किया था कि मध्यप्रदेश में किसानों के साथ धोखा हुआ है, मध्यप्रदेश में किसानों का कर्जमाफ नहीं हुआ है।

लेकिन कुछ ही घन्टों के भीतर कमलनाथ ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार ली, आनन-फानन में कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, कमलनाथ ने विस्तार से समझाया कि कैसे वो दस दिन के भीतर कर्जमाफी का वादा नहीं निभा पाए, कमलनाथ बार-बार शिवराज सिंह चौहान नाम ले रहे थे, लेकिन उनका बयान राहुल गांधी को सुनना चाहिए, जो कर्जमाफी का सब्जबाग दिखाकर मध्यप्रदेश में सत्ता में आए

दरअसल मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि अब तक प्रदेश में 21.06 लाख किसानों के फसल रिण माफ कर दिये हैं। चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद शेष किसानों के फसल रिण जल्दी ही माफ कर दिये जायेंगे।

कमलनाथ ने यहां अपने निवास पर पत्रकार वार्ता में बताया, ‘‘प्रदेश में सत्ता में आने के कुछ घंटों के बाद ही हमने अपने वादे के मुताबिक किसानों के फसल रिण माफ करने की घोषणा कर दी थी। किसानों की फसल रिण माफ करने की प्रक्रिया जारी है और अब तक प्रदेश के 21.06 लाख किसानों के फसल रिण माफ किये जा चुके हैं।’’ 

उन्होने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 होने की घोषणा के बाद लागू हुयी चुनाव आचार संहिता के कारण किसान रिण माफी की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित की गयी है। चुनाव सम्पन्न होते ही प्रदेश के शेष बचे किसानों का भी कृषि रिण माफ कर दिया जायेगा। उन्होने बताया कि प्रदेश में किसानों से हरे, सफेद और गुलाबी रंग के कुल 51.15 आवदेन पत्र फसल रिण माफी के लिये प्राप्त हुए हैं।

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर दस दिन के अंदर किसानों का दो लाख रुपये तक का कृषि रिण माफ करने का वादा किया था। प्रदेश कांग्रेस ने इसे अपने घोषणा पत्र में भी शामिल किया। प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस के सत्ता में वापस आने का यह एक अहम मुद्दा माना गया। 

इस बीच, चौहान ने संवाददाताओं से बातचीत कि कांग्रेस द्वारा सौंपी गयी किसानों के नाम की सूची का जिक्र करते हुए कहा कि यह झूठ का पुलिंदा है। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने गरीब किसानों को धोखा दिया है। किसानों का केवल 13,000 करोड़ रुपये का रिण माफ किया है जबकि कांग्रेस सरकार को किसानों को 48,000 करोड़ रुपये का रिण माफ करना था।

अब जनता को कांग्रेस को जवाब देना है, किसानों को राहुल गांधी को हिसाब देना है, किसान पूछ रहा है कांग्रेस और कमलनाथ से कि उनके साथ धोखा क्यों किया गया ।

(इनपुट- भाषा से भी)

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