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भाजपा, टीएमसी ने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने को लेकर एक-दूसरे पर आरोप मढ़े

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

कोलकाता में 19वीं सदी के समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की आवक्ष मूर्ति तोड़े जाने और उसके बाद हुई झड़पों को लेकर भाजपा एवं तृणमूल कांग्रेस के बीच लोकसभा चुनावों के अंतिम चरण से पहले बुधवार को आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। 

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा को दोष देने के लिए “षड्यंत्र” के तहत कोलकाता में उनके रोडशो के दौरान हिंसा करने एवं विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने के पीछे ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का हाथ था।

अपनी तरफ से टीएमसी ने वीडियो जारी कर दावा किया कि “भाजपा के गुंडों” ने मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर “बंगाली गौरव को आहत” किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि वीडियो से न सिर्फ भाजपा का कृत्य साबित होता है बल्कि यह भी कि शाह “झूठे’’ और “धोखेबाज” हैं। 

कांग्रेस एवं माकपा ने भी विद्यासागर कॉलेज में आवक्ष प्रतिमा को तोड़ने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। तृणमूल संसदीय दल ने मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात की और भाजपा के खिलाफ कथित ‘‘सबूत” जमा किए। 

कांग्रेस ने हिंसा की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह पर देश में “भीड़तंत्र” को बढ़ावा देने और राज्यों की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। 

कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने राष्ट्रीय प्रतीक एवं समाज सुधारक की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने को “शर्मनाक कृत्य” करार दिया। 

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “एक नयी राजनीति जहां सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा द्वारा ‘भीड़तंत्र’ को सक्रियता से बढ़ावा दिया जा रहा है, वह पिछले पांच सालों में पैर पसार चुकी है। 

“प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह नीत भाजपा भारत में प्रत्येक राज्य की सांस्कृतिक पहचान को जानबूझ कर नुकसान पहुंचाने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। मोदी-शाह देश में भीड़तंत्र को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार हैं। ” 

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भाजपा-आरएसएस पर बंगाल एवं उसके लोकाचार पर जानबूझ कर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा पार्टी विद्यासागर के विचारों के विरुद्ध है। 

उन्होंने ट्वीट किया, “यह सिर्फ प्रतिमा की बात नहीं बल्कि बंगाल पर जानबूझ कर किए गए हमले की है। बंगाल नव जागरणकाल के सबसे बड़े प्रतीकों में से एक को भाजपा-आरएसएस ने निशाना बनाया। इन रूढ़िवादियों ने हमेशा से विद्यासागर के विचारों का विरोध किया है। लेकिन बंगाल झुकेगा नहीं। 

टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, “वीडियो से न सिर्फ भाजपा का कृत्य दिखता है बल्कि यह भी साबित होता है कि उसके अध्यक्ष अमित शाह झूठे और ‘धोखेबाज’ हैं।” 

ओ ब्रायन ने कहा, “कोलकाता की सड़कें गुस्से एवं अचरज में डूबी हुई हैं। कल बंगाली गौरव को आहत किया गया है।” 

साथ ही उन्होंने कहा कि टीएमसी ने चुनाव आयोग को वीडियो सौंप दिए हैं। 

एक वीडियो में एक समूह विद्यासागर कॉलेज के गेट को तोड़ने की कोशिश करता और दीवार फांद कर परिसर में घुसता दिख रहा है। 

ओ ब्रायन ने कहा, “यह बचकाना तर्क है कि गेट की चाबी किसके पास थी? वीडियो में साफ दिख रहा है कि किसने मूर्ति तोड़ी।” 

साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के पास अपने दावों को साबित करने के लिए 44 वीडियो हैं। 

वह शाह के उस दावे पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि भाजपा कार्यकर्ता प्रतिमा तक नहीं पहुंच सकते थे कि क्योंकि वह कॉलेज परिसर के एक बंद कमरे में रखी हुई थी और उनकी पार्टी के लोग कॉलेज के बंद गेट के बाहर थे। 

टीएमसी ने एक वीडियो और व्हाट्सऐप संदेश भी दिखाया जो कथित तौर पर एक भाजपा समर्थक का है जिसमें उसने लोगों से शाह के रोडशो में पुलिस एवं टीएमसी से लड़ने के लिए लोहे की छड़ों एवं हथियारों के साथ आने को कहा। 

शाह के विशाल रोड शो के दौरान भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच मंगलवार को कोलकाता की सड़कों पर हिंसक झड़पें हो गईं थीं जिसकी वजह से शाह को कार्यक्रम को बीच में ही खत्म करना पड़ा। 

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