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पश्चिम बंगाल : आसनसोल लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो आगे

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

 केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो शुरुआती रुझानों में आसनसोल लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस की अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी मुनमुन सेन से 3448 मतों से आगे चल रहे हैं। कूचबिहार लोकसभा सीट से भाजपा के निशीथ प्रमाणिक तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार परेश चंद्र अधिकारी से 1225 मतों से आगे हैं।

वहीं, हुगली लोकसभा सीट से भाजपा की लॉकेट चटर्जी तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार रत्न डी नाग से 2175 वोट से आगे चल रही हैं।

उलुबेरिया सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सजदा अहमद भाजपा के जॉय बनर्जी से 920 वोट से आगे हैं।

बता दें, इस बार बाबुल सुप्रियो को चुनौती देने के लिए टीएमसी ने बांकुरा सांसद और फिल्म अभिनेत्री मुनमुन सेन को उतारा है। वहीं सीपीएम की और से गौरंगा चटर्जी चुनावी मैदान में है। कांग्रेस की तरफ से बिस्वरूप मंडल जिन्हें ... वोट मिले और शिवसेना से अभिषेक कुमार सिंह और बहुजन बहुजन मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी को जहीर आलम को वोट मिले।

पश्चिम बंगाल में कोलकाता के बाद आनसोल लोकसभा सीट सबसे अहम है। आसनसोल भारत के 100 तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है। इस शहर की अर्थव्यवस्था का आधार कोयला ौर स्टील है। आसनसोल लोकसभा सीट पर पहले कांग्रेस और फिर सीपीएम का कब्जा रहा । लेकिन , 2014 में यहां से राजनीति समीकरण बदल गए और बाबुल सुप्रियो सांसद चुने गए।

2014 के में बीजेपी ने बाबुल सुप्रियों को टिकट देकर एक जुआ खेला था । किसी सिंगर को बीजेपी से टिकट मिलना एक संयोग था। मोदी लहर में बाबुल सुप्रियो ने संयोग से मिले राजनीतिक मौके को बखूबी भुनाया । और कुल 4 लाख 19 हजार 983 वोट हासिल हुए । जबकि 2014 के चुनाव में टीएमसी की डोला सेन को 3 लाख 49 हजार 503 वोट मिले।

बता दें 2014 के चुनाव में यहां 77.76 फीसदी वोटिंग हुई थी। इसमें बीजेपी को 36.76 फीसदी और टीएमसी को 30.59 फीसदी वोट मिले थे. पश्चिम बंगाल में 2014 के चुनाव में बीजेपी को कुल 2 सीटें मिली थी। याद दिला दें आसनसोल लोकसभा सीट 1957 में आई थी। आसनसोल लोकसभा सीटे के अंतर्गत विधानसभा की कुल 7 सीटें आती हैं। इनमें रानीगंझ , पंदाबेश्वर , जमुरिआ, आसनसोल दक्षिण , आसनसोल उत्तर , कुल्टी और बाराबनी शामिल है।

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