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बीजेपी कैंडिडेट चंद्र बोस का आरोप- टीएमसी के गुंडों ने किया हमला, हेलमेट पहन कर बचाई जान

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

दक्षिण कोलकाता लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार चंद्र कुमार बोस पर नामांकन पत्र दाखिल करने जाने के दौरान हमला किया गया। सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने आरोप लगाया कि टीएमसी के गुंडों ने उन पर हमला किया। जानकारी के अनुसार गुंड़ो ने उनके कार का शीशा तोड़ दिया। हमले के दैरान चंद्र कुमार बोस ने एक हेलमेट पहन रखा था। उनकें समर्थकों ने उन्हें उन बदमाशों के चंगुल से उन्हे बाहर निकाला।

हमले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने कहा कि टीएमसी को अपनी असफलता का अनुमान लग चुका है इसलिए वह मुझ पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा मैं चुनाव प्रचार भी हेलमेट पहन कर करूंगा। क्योंकि मुझे हमले से बचना है। बंगाल में आतंक सरकार है वह मुझपर आक्रमण करेंगे। उनके आक्रमण और अपने सीर को बचाने के लिए हमलोगों ने हेलमेट पहनना शुरु किया है। जब मैं नामंकन के निकला तो मुझे रास्ते में तृणमुल के गुंडों ने रोक कर हमला कर दिया।


उन्होंने कहा दक्षिण कोलकाता की जनता का मानना है कि उन्होंने  बहुत लोगों को मौका दिया है इस बार उन लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को मौका देने का मन बना लिया है। दक्षिण कोलकाता की जनता ने जितने भी उम्मीदवारों को संसद के पटल तक भेजा है। उन्होंने अपना एक भी वादा नहीं निभाया । इससे पहले यहां से तृणमुल कांग्रेस के सांसद हैं। वह मौन सांसद हैं उन्होंने संसद में एक बार भी पश्चिम बंगाल या दक्षिण कोलकाता का मुद्दा नहीं उठाय़ा है। इस तरह के सांसद से दक्षिण कोलकाता की जनता उब चुकी है।


वहीं वाराणसी से 'पूछता है भारत' कार्यक्रम में शरीक हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी कम से कम 23 सीट जीतेगी। और इससे आगे भी जा सकते हैं। 

इस दौरान अमित शाह  ने कहा मैं जमीन पर काम करने वाला व्यक्ति हूं। बंगाल में 2016 से हम काम कर रहे हैं। हर बूथ पर हमने भारतीय जनता पार्टी को पहुंचाया है।  बंगला के अंदर जिस प्रकार की तानाशाही है। इसको हमने अनुभव किया है। हमने अपने 60 कार्यकर्ताओं की जान गवाई है। इसके खिलाफ हमने संघर्ष किया है। वहां बंगाली भाषा को छोड़ कर उर्दू भाषा थोपी जा रही है। इसका विरोध हमने देखा है। सरस्वती पुजा, दुर्गा पूजा के दौरान होने वाली समस्या का दर्द हमने पहचाना है। रामनवी का जुलूस न निकलने देने का दर्द हमने झेला है। वहां जिस प्रकार की सिंडिकेट चल रही है चाहे सीमेंट , कोयला , सरिया चाहे कुछ भी चाहिए तो वहां सिंडिकेट को टैक्स देना पड़ता है उसको हमने जाना है। जिस प्रकार की बेरोजगारी वहां पर खड़ी हुई है। एक बाद एक कारखाने बंद होने के बाद उसको हम जानते हैं। जिस प्रकार की हालत घुसपैठियों के घुसने के कारण तेजी से बंगाल की स्थिति बदल रही है। इससे बंगाली कितना चिंतित है इसको मैं जानता हूं । और इन सभी चीजों के आधर पर भारतीय जनता पार्टी ने एक संघर्ष किया है। आज हम ऐसी स्थिति पर खड़े है कि जनता हमारे भरोसे अपना स्टैंड लेकर खड़ी है। आप बीजेपी के किसी भी नेता के सभा में भीड़ देख लीजिए और पीएम मोदी के जनसभा में प्रचंड़ लोग भरे होते है। उसे रोकने के लिए परमिशन न देना.. चाहे हैलिकौप्टर न उतरने देने का या सभा नहीं करने देने का प्रयास.. मैदान के अंदर भंजन कीर्तन करना ... ताकि भाषण में दिक्कते आए... डेढ़ महीने तक माइक बंद कर देना.. इन सब के बावजूद बंगाल की जनता यह तय करके बैठी है कि वह भारतीय जनता पार्टी के साथ रहेगी और दीदी को सबक सिखाएगीं।

बता दें भाजपा का सबसे ज्यादा जोर पश्चिम बंगाल में लगा है, क्योंकि हंग पार्लियामेंट की स्थिति में पश्चिम बंगाल ही दिल्ली की सरकार तय करेगा। पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटों का पार्लियामेंट में काफी महत्व है।  
 

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