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महाराष्ट्र: सत्ता के घमासान में 13 निर्दलीय और छोटे दलों के 16 विधायकों पर टिकी नजर

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:


 महाराष्ट्र में बड़े राजनीतिक दलों के सत्ता के गणित को अपने पक्ष में करने की कोशिशों के बीच सभी की निगाहें 13 स्वतंत्र विधायकों और छोटे दलों के 16 विधायकों पर टिक गई हैं। ये विधायक 288 सदस्यों वाले सदन में बहुमत के लिए जरूरी 145 विधायकों के आंकड़े को पाने में अहम साबित होंगे।

कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत कर रही शिवसेना का दावा है कि अपने 56 विधायकों के अलावा उसे सात विधायकों का समर्थन हासिल है। राज्य में 105 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी भाजपा का दावा है कि उसे 14 अन्य विधायकों का समर्थन हासिल है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने विधायक अजित पवार के साथ हैं। उन्होंने शनिवार को भाजपा से हाथ मिला लिया था और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही उन्होंने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

अचलपुर के विधायक और प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू ने कुछ दिन पहले शिवसेना को समर्थन देने का पत्र दिया था और उन्होंने रविवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि वह और उनके दो विधायक साथी उद्धव ठाकरे की पार्टी के साथ हैं।

क्रांतिकारी शेतकरी पक्ष के विधायक शंकरराव गडाख ने शिवसेना को समर्थन का पत्र दिया है। उन्होंने कुछ अन्य विधायकों को भी शिवसेना के पक्ष में किया है। इनमें आशीष जायसवाल (रामटेक), नरेंद्र भोंडेकर (भंडारा), मनीला गावित (सकरी) और चंद्रकांत पाटिल (मुक्तानगर) शामिल हैं।

जो विधायक भाजपा का समर्थन कर रहे हैं, उनमें स्वतंत्र विधायक रवि राणा (बडनेरा), किशोर जोरगेवार (चंद्रपुर), गीता जैन (मीरा भायंदर), महेश बाल्दी (उरण), संजय शिंदे (करमाला), राजेंद्र राउत (बार्शी), प्रकाश आवडे (इचलकरंजी) और राजेंद्र पाटिल (शिरोल) शामिल हैं।

इसके अलावा भाजपा ने पीडब्ल्यूपी विधायक श्यामसुंदर शिंदे (लोहा), राष्ट्रीय समाज पक्ष के रत्नाकर गुट्टे (गंगाखेड), बहुजन विकास अगाड़ी के भोइसार से राजेश पाटिल, नालासोपारा से क्षितिज ठाकुर तथा वसई से हितेंद्र ठाकुर और जन सुराज्य शक्ति पार्टी के शाहूवाड़ी से विधायक विनायक कोरे के समर्थन का दावा किया है।

इसके अलावा विधानसभा में दो-दो विधायक एआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी के हैं और माकपा, एमएनएस, आरएसपी और स्वाभिमानी पक्ष के एक-एक विधायक हैं।

विधानसभा चुनाव परिणाम में भाजपा को 105 सीट जबकि शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली।
 

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