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कोविड-19: विश्व बैंक ने भारत को एक अरब डॉलर की सहायता देने की मंजूरी दी

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

विश्व बैंक ने शुक्रवार को कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर गरीब, कमजोर परिवारों को सामाजिक सहायता देने के भारत के प्रयासों में मदद के लिए एक अरब डॉलर की सहायता को मंजूरी दी। ये सहायता ‘भारतीय कोविड-19 सामाजिक संरक्षण प्रतिक्रिया कार्यक्रम को प्रोत्साहन’के रूप में दी जाएगी। इसके साथ ही विश्व बैंक ने कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए भारत को अब तक कुल दो अरब डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई है। पिछले महीने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की मदद के लिए एक अरब अमरीकी डालर की सहायता देने की घोषणा की गई थी।

भारत में वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद ने मीडिया के साथ एक वेबिनार में कहा कि कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए दुनिया भर में सरकारों को अभूतपूर्व तरीके से लॉकडाउन और सामाजिक दूरी को लागू करना पड़ा है।

हालांकि, वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए इन उपायों से अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुई है और खासतौर से अनौपचारिक क्षेत्र में नौकरियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत इसका अपवाद नहीं है।

एक अरब डॉलर की इस सहायता में 55 करोड़ डॉलर का वित्त पोषण विश्व बैंक की रियायती ऋण शाखा अंतरराष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) के द्वारा किया जाएगा, जबकि 20 करोड़ डॉलर ऋण के रूप में अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) द्वारा दिए जाएंगे। शेष 25 करोड़ रुपये 30 जून 2020 के बाद दिए जाएंगे।

वही एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को 5,800 अरब से 8,800 अरब डॉलर तक नुकसान हो सकता है। इसमें दक्षिण एशिया के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर 142 अरब से 218 अरब डॉलर तक असर होगा।

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एडीबी ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी वैश्विक अर्थव्यवस्था को 5,800 अरब से 8,800 अरब डॉलर तक नुकसान हो सकता है, वैश्विक जीडीपी के 6.4 प्रतिशत से 9.7 प्रतिशत के बराबर है।’’ एडीबी ने कोविड-19 के संभावित आर्थिक असर के नए मूल्यांकन में कहा कि दक्षिण एशिया की जीडीपी में 3.9 प्रतिशत से छह प्रतिशत तक कमी आएगी। ऐसा बांग्लादेश, भारत और पाकिस्तान में सख्त प्रतिबंधों के चलते होगा।