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जहरीली शराब कांड: दो और गिरफ्तारियां, उतर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा में हंगामा

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने की घटना को लेकर सोमवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की भाजपा शासित सरकारों को सियासी भूचाल का सामना करना पड़ा। जहरीली शराब पीने से दोनों राज्यों में 130 से ज्यादा लोगों की मौत होने के विपक्ष के दावा के बाद राज्य प्रशासनों को अपनी जांच की रफ्तार बढा़नी पड़ी और जहरीली शराब की कथित आपूर्ति करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया।

अधिकारियों ने मृतकों की संख्या 72 बताई है जिसमें उत्तराखंड के हरिद्वार में और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में 36-36 लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने दावा किया कि मृतकों की संख्या काफी ज्यादा है और दोनों राज्यों की सरकारों को बर्खास्त करने की मांग की।

उत्तराखंड सरकार ने घटना की तहकीकात करने के लिए अपना विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। इससे एक दिन पहले उत्तर प्रदेश ने भी एसआईटी गठित की थी।

कार्रवाई तेज करते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सोमवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया। इसी के साथ इस संबंध में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर चार हो गई।

पुलिस ने कहा कि वे अन्य अहम आरोपी की तलाश में है।

हरिद्वार के एसएसपी जनमेजय खंडूरी ने रूड़की में पत्रकारों को बताया कि उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के पुंडेन गांव के निवासी हरदेव और सुखविंदर उर्फ सुखा को जिले के झाबरेरा क्षेत्र में इकबालपुर फाटक के निकट उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया।

पुलिस ने रविवार को एक अन्य व्यक्ति और उसके बेटे को गिरफ्तार किया था।

पिछले हफ्ते एक अन्य घटना में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में जहरीली शराब पीने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई थी।

बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने के पीछे उत्तर प्रदेश सरकार की लापरवाही का आरोप लगाते हुए विपक्षी सदस्यों ने सोमवार को लखनऊ में विधानसभा में जमकर हंगामा किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा मांगा।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सपा, बसपा, और कांग्रेस के सदस्यों ने मामले को उठाने की कोशिश की और इसे एक अहम मामला बताया।

सपा और बसपा के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। 

योगी ने कुशीनगर और सहारनपुर जिलों में जहरीली शराब से हुई मौतों पर कहा, 'घटना दुखद है लेकिन हम इसकी तह तक जाएंगे और पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन लोग हैं... जो गरीबों और नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ।' 

मुख्यमंत्री ने कहा, 'जो भी दोषी होगा, उसे ऐसी सजा दिलाएंगे कि आने वाले समय में इस तरह के षडयंत्रकारियों के लिए वह सबक बने। हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटेगी ।' 

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ और वहां भी मौतों को लेकर हंगामा हुआ।

विपक्षी कांग्रेस ने त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार उन परिवारों के प्रति असंवेदनशील है जिन्होंने अपनों को खोया है।

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के अभिभाषण को शुरू हुए बमुश्किल पांच मिनट ही हुए थे कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और चकराता के विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने राज्य सरकार को बर्खास्त करने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए तख्तियों के साथ अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए।

फिर उन्होंने विधानसभा से वॉकआउट किया।

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रीतम सिंह ने दावा किया कि उत्तराखंड और पड़ोसी उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब पीने से मृतकों की संख्या बढ़कर 130 हो गई है। उन्होंने कहा कि जो घटना के पीछे हैं उनके खिलाफ अबतक मामला दर्ज नहीं किया गया है।

रात में, उत्तराखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला की अगुवाई में विशेष जांच दल गठित किया है।

अधिकारियों ने बताया सोमवार को गिरफ्तार किए गए दोनों पिता-पुत्र ने प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उन्होंने शराब नहीं बनायी बल्कि भगवानपुर क्षेत्र के तेजूपुर गांव में रहने वाले अर्जुन नाम के व्यक्ति से लगभग 400 लीटर का एक ड्रम खरीदा था।

पुलिस अर्जुन की तलाश में जुटी है।

फकीरा और उसके पुत्र सोनू को कल गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने पुलिस को बताया था कि उन्होंने हरदेव और सुखविंदर से अवैध शराब खरीदी थी और पड़ोसी गांवों के लोगों को इस शराब को बेच दिया था।
 

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