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तिलकामांझी सम्मान समारोह : गांधीवादी विचारक ने दिलाई नैतिकता की याद, 57 हस्तियों को किया गया सम्मानित

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता सेनानी शुभकरण चुड़ीवाला की याद में तिलकामांझी सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस दौरान मुख्य अतिथि प्रख्यात गांधीवादी पूर्व सांसद डॉ. रामजी सिंह ने सचेत किया कि हम गांधी के विचारों को सही तरीके से अपने आचरण में जाहिर नहीं करेंगे तो यह दुनिया हमारी जीने के काविल नहीं रहेगी। उन्होंने देश दुनिया में बढ़ते प्रदूषण और इसके प्रति लापरवाही वरतने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि गांधी सिर्फ हमारे लिए नहीं बल्कि सारी दुनिया के लिए मार्गदर्शक बन गए हैं। डॉ रामजी सिंह ने कहा कि प्रथम स्वाधीनता तिलकांमाझी और प्रसिद्ध स्वाधीनता सेनानी शुभकरण चुड़ीवाला के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों के लोगों को सम्मानित कर यहां एक तरह से लघु भारत  ही उपस्थित हो गया है। उन्होंने कहा कि  गांधी जी के अपील पर आजादी  की लड़ाई में शामिल होनेवाले शुभकरण चुड़ीवाला ने सत्ता का भोग करने की वजाय अपना जीवन अंतिम जन की भलाई में झोंक दिया था। आज की पीढ़ी ऐसे महान विभूतियों को भूलती जा रही है। उन्होंने  अंग मदद फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि आयोजन के वहाने नई पीढ़ी को सच्चे राष्ट्र नायकों के योगदान के अवगत करा रहा है।


डॉ सिंह रविवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर स्थित दिनकर भवन में अंग मदद फाउंडेशन की ओर से  प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी शभकरण चुड़ीवाला की याद में आयोजित तिलकामांझी सम्मान समारोह के उद्धघाटन भाषण में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता  झारखंड माध्यमिक शिक्षा  निदेशक जटाशंकर चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ रतन मंडल, विचार सहचर के संपादक ब्रह्मेन्द्र, वैदेही फाउंडेशन के अमरनाथ झा, प्रशांत विक्रम और मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली की कार्यकारिणी के सदस्य मिथिलेश कुमार सिंह थे। 

समारोह का शुभारंभ प्रवीर,ऋषभ  और मंजीत के सितार वादन और रूपाली राजहंस के गांधी जी प्रिय भजन ' वैष्णव जन तो तेने कहिए' के गायन से हुई। समारोह में पड़ोसी देश नेपाल सहित देश के महाराष्ट्र,झारखंड,असम त्रिपुरा,पश्चिम बंगाल दिल्ली और बिहार की 57 हस्तियों तिलकामांझी राष्ट्रीय  सम्मान से सम्मानित किया गया।  भागलपुर में गांधी पर व्याख्यान वरिष्ठ पत्रकार कुमार कृष्णन ने दिया। वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत कार्यक्रम का संचालन किया। अध्यक्षीय उद्गार व्यक्त करते हुए जटाशंकर चौधरी ने कहा कि गांधी का मतलब इंसानियत को जिंदा रखना है और उसी मार्ग पर शुभकरण चूड़ीवाला अग्रसर रहे। पत्रकार राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने तिलकामाझी के योगदान से अवगत कराया। फांउडेशन की सचिव वंदना झा और रामरतन चूड़ीवाला ने अतिथियों का स्वागत किया।

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