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अरुणाचल में आज भी जारी है प्रदर्शन और तोड़-फोड़.. जानिए, हंगामा है क्यों बरपा

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

अरुणाचल प्रदेश में 6 आदिवासी समुदायों को स्थाई निवास प्रमाण पत्र देने के प्रस्ताव के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं पिछले दो दिन अरुणाचल में कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, लोग आगजनी पर उतर आए हैं, कल डिप्टी सीएम चौना मेन के घर को उग्र भीड़ ने आग के हवाले कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने ईटानगर में सिविल सचिवालय में घुसने की कोशिश की। आज भी कई जगह पर हंगामे की तस्वीरें सामने आ रही है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की तस्वीरें सामने आ रही हैं इस बीच पूरे घटनाक्रम पर केंद्रीय गृहमंत्रालय की नजर बनी हुई है, अतिरिक्त सुरक्षा बल को लगा दिया गया है।

लेकिन इन सबके बीच एक बड़ा सवाल ये है कि अरुणाचल को कौन सुलगा रहा है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव सत्य गोपाल ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘नामसाई और चांगलांग जिलों के गैर-एपीएसटी (अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजातियों) को पीआरसी दिए जाने से जुड़े मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने फैसला किया है कि पीआरसी दिए जाने को लेकर आगे कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।’’ 

पूरा मामला जानिए...

  • स्थाई निवास प्रमाण पत्र को लेकर विवाद 
  • 6 आदिवासी समुदायों को PRC देने के प्रस्ताव का विरोध 
  • विरोध में शुक्रवार से ही सड़कों पर उतरे लोग 
  • हजारों वाहनों को आग के हवाले किया 
  • शनिवार को पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प
  • फायरिंग में एक युवक की मौत 
  • युवक की मौत से उग्र हुआ प्रदर्शन 
  • रविवार को डिप्टी सीएम का घर जलाया 
  • 21 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
  • आज भी जारी है प्रदर्शन, तोड़-फोड़ 

सरकार और प्रशासन कितनी तैयार?

  • अरुणाचल हिंसा पर गृह मंत्रालय की पैनी नजर 
  • राजधानी ईटानगर में कर्फ्यू लगा 
  • अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया 
  • ITBP की 6 कंपनियां ईटानगर में तैनात 
  • सेना ने फ्लैग मार्च निकाला 
  • इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के आदेश 
  • गृहमंत्री ने लोगों से शांति की अपील की 

मिली जानकारी के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश में भड़की व्यापक हिंसा के मद्देनजर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 1,000 कर्मी राज्य के लिए रवाना किए गए हैं। दिल्ली में एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ईटानगर और अन्य हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती के लिए आईटीबीपी की 10 अतिरिक्त कंपनियां भेजी हैं।