Accidents & Disasters

अमृतसर ट्रेन हादसे से चंद सेकेंड पहले का VIDEO - नवजोत कौर सिद्धू के तारीफ में कसीदे पढ़ते दिखे आयोजक

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

दशहरे के मौके पर अमृतसर में बड़ा रेल हादसा हो गया, जिसमें 60 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे से चंद मिनट पहले का वीडियो सामने आया. जिसमें रावण दहन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कांग्रेस की नेता नवजोत कौर सिद्धू के आवभगत में क़ासिद पढ़े जा रहे है. मंच पर से होस्ट कर रहा व्यक्ति कहता है कि नवजोत जी को देखने कितने सारे लोग आए हुए हैं. इस रावण में पांच हजार बम लगाए है तो पांच हजार की संख्या में लोग भी मौजूद है. 

घटना के एक चश्मदीद के अनुसार यह आयोजना प्रशासन के इजाजत के बिना किया गया. उन्होंने कहा कि जब दुर्घटना हो गई तो पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर घटनास्थल से चली गईं. उन्होंने हम लोगों के प्रति बहुत बुरा रुख अपनाया .

वहीं एक और चश्मदीदी ने  इस कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की . उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि लोग दशहरा को खुशी मनाने के लिए आए थे उन्हें भारी दुख का सामना करना पड़ा , अपने प्रियजनों को खोना पड़ा. 

वहीं इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नवजोत कौर ने कहा कि इस त्रासदीपूर्ण घटना को लेकर राजनीति की जाना शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि ,  मैंने घर लौटने के बाद ही मौतों के बार में सुना, मैंने पुलिस आयुक्त को फोन किया और पूछा कि क्या मुझे वापस आना चाहिए ? लेकिन उन्होंने कहा कि वहा बहुत अराजक माहौल है . इसलिए मैंने फैसला किया मुझे कम से कम उन लोगों को बचाना चाहिए जो घायल हो गए है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. ''

वहीं कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू अपने पत्नी नवजोत कौर का बचाव करते नजर आए . उन्होंने इस घटना का जिम्मेदार रेलवे को बताया.

इधर इस ट्रेन हादसे को लेकर रेलवे का कहना है कि पुतला दहन देखने के लिए लोगों का वहां पटरियों पर एकत्र होना ‘‘स्पष्ट रूप से अतिक्रमण का मामला’’ था और इस कार्यक्रम के लिये रेलवे द्वारा कोई मंजूरी नहीं दी गई थी. 

अमृतसर प्रशासन पर इस हादसे की जिम्मेदारी डालते हुए आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को दशहरा कार्यक्रम की जानकारी थी और इसमें एक वरिष्ठ मंत्री की पत्नी ने भी शिरकत की.

रेलवे अधिकारियों ने कहा, ‘‘हमें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी और हमारी तरफ से कार्यक्रम के लिये कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। यह अतिक्रमण का स्पष्ट मामला है और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी चाहिए.’’ 

रेलवे को अमृतसर में दुर्घटना स्थल के पास दशहरा कार्यक्रम करने की सूचना नहीं दी गई थी। इसके लिए हमने कोई अनुमति नहीं दी थी .

इतनी भीड़ होने के बावजूद रेल चालक द्वारा गाड़ी नहीं रोके जाने को लेकर सवाल उठने पर अधिकारी ने कहा, ‘‘वहां काफी धुआं था जिसकी वजह से चालक कुछ भी देखने में असमर्थ था और गाड़ी घुमाव पर भी थी.’’