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भारत की ‘पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस’ को मिला ऑस्कर

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

भारत के ग्रामीण क्षेत्र में माहवारी के समय महिलाओं को होने वाली समस्या और सैनिटरी नैपकिन (पैड) की अनुपलब्धता को लेकर बनी एक शॉर्ट फिल्म ‘पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस’ को ‘डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट’ श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार मिला है।

इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन रायका जेहताबची ने किया है और इसे भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा की ’सिखिया एंटरटेनमेंट’ ने प्रोड्यूस किया है।

यह डॉक्यूमेंट्री ‘ऑकवुड स्कूल इन लॉस एंजिलिस’ के छात्रों और उनकी शिक्षक मिलिसा बर्टन द्वारा शुरू किए गए ‘द पैड प्रोजेक्ट’ का हिस्सा है।

रायका जेहताबची ने ऑस्कर स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘मैं इसलिए नहीं रो रही हूं कि मेरा माहवारी चल रहा या कुछ भी। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि माहवारी को लेकर बनी कोई फिल्म ऑस्कर जीत सकती है।' 

निर्देशक जेहताबची ने पुरस्कार लेने के दौरान गुनीत मोंगा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह लड़कियों और महिलाओं के लिए पैड की उपलब्धता को लेकर दुनिया भर की महिलाओं को सशक्त कर रही हैं।

 

बर्टन ने इस पुरस्कार को अपने स्कूल को समर्पित करते हुए कहा कि इस परियोजना का जन्म इसलिए हुआ क्योंकि लॉस एंजिलिस के मेरे विद्यार्थी और भारत के लोग बदलाव लाना चाहते थे। इस डॉक्यूमेंट्री की कहानी दिल्ली से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित उत्तर प्रदेश के ‘हापुड़’ की है।

वहीं प्रोड्यूसर मोंगा ने कहा, 'माहवारी सामान्य चीज है और वह हमारी किसी भी काम में बाधा नहीं बनती है। भारत के कई गावों में पिछले 10 साल से गौरी चौधरी ‘एक्शन इंडिया’ के माध्यम से लड़कियों को उनके मां बनने से जुड़े अधिकारों के बारे में जागरूक करती आ रही हैं।' 

उन्होंने कहा कि भारत या दुनिया के किसी भी कोने की लड़कियों को यह अच्छी तरह से जानने की जरूरत है कि यह आपके जीवन का पड़ाव है और इससे लड़कियों की शिक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

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गुनीत मोंगा ने कहा कि वह चाहती हैं कि सभी लड़कियां समझें कि वह महत्वपूर्ण हैं। वह अपने-आप में भगवान हैं।

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