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कादर खान के वो मशहूर डायलॉग, जिन्होंने कभी हंसने पर किया मजबूर, तो दिल झकझोर दिया!

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

फिल्मी जगत के लिए ये नया साल एक बेहद दुखद खबर लेकर आया है. बॉलीवुड जगत के दिग्गज अभिनेता कादर खान का सोमवार को निधन हो गया. खान के बेटे सरफराज ने खुद इस बात की पुष्टि की है. 

उन्होंने कहा कि मेरे पिता हमें छोड़कर चले गए. लंबी बीमारी के बाद 31 दिसम्बर शाम छह बजे (कनाडाई समय) उनका निधन हो गया. वह दोपहर को कोमा में चले गए थे. वह पिछले 16-17 हफ्तों से अस्पताल में भर्ती थे.

जिसके बाद से ही बॉलीवुड जगत के साथ उनके फैंस के बीच में शोक की लहर छा गई है. क्या नेता और क्या अभिनेता हर कोई एक- एक कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है.

यह भी पढ़ें - दुखद: दिग्गज अभिनेता कादर खान का निधन, बेटे सरफराज ने दी जानकारी

लेकिन जो 90 के दौर की हिंदी फिल्में देखते होंगे वो अच्छी तरह से कादर खान की एक्टिंग से वाकिफ होंगे. कभी वो अपने अभिनय से लोगों को हंसते तो कभी रोने के लिए मजबूर कर देते. 

कादर खान के फिल्म करियर की शुरूआत साल 1973 में हुई थी. उन्होंने 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की. इसमें राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे. इससे पहले वह रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म ‘जवानी-दिवानी’ के लिए संवाद लिख चुके थे.  तब से लेकर अब तक वो 300 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके थे. उन्होंने बतौर निर्देशक, प्रोड्यूसर, स्क्रीन राइटर, एक्टर के रुप में भी अपना हाथ अजमाया है और हर जगह अपनी छाप छोड़ी है.

एक पटकथा लेखक के तौर पर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्में लिखी. उन्होंने देसाई के साथ मिलकर ‘ धर्म वीर’, ‘गंगा जमुना सरस्वती, ‘कुली’ ‘देश प्रेमी’, 'सुहाग' ‘अमर अकबर एंथनी’ और मेहरा के साथ ‘ज्वालामुखी’, ‘ शराबी’, ‘लावारिस’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्में लिखी.

खान ने ‘कुली नंबर 1’, ‘ मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘कर्मा’, ‘सल्तनत’ जैसी फिल्मों के संवाद लिखे. उन्होंने करीब  300 फिल्मों में काम किया था और  250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद भी लिखा था.
 
तो आएइ डालते हैं एक नजर कादर खान की उन मशहूर डायलॉग पर

 

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