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विकास बहल मामले में बोले ऋतिक रोशन, यौन उत्पीड़न के दोषी के साथ काम करना नामुमकिन...

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

फिल्म ‘सुपर 30‘ के अभिनेता रितिक रोशन ने फिल्म के निर्देशक विकास बहल पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि ‘‘इस तरह के गंभीर दुर्व्यवहार के दोषी’’ के साथ काम करना ‘‘असंभव’’ है. रितिक ने नपे तुले शब्दों में कहा कि वह यहां नहीं थे इसलिए उन्हें मामले की थोड़ी बहुत जानकारी है लेकिन उन्होंने फिल्म के निर्माता से स्थिति का आकलन करने को कहा है.

रोशन ने ट्विटर पर जारी किए बयान में कहा, ‘‘ऐसे किसी भी गंभीर दुर्व्यवहार के दोषी व्यक्ति के साथ काम करना असंभव है. मैं यहां नहीं था और मुझे मामले की थोड़ी बहुत जानकारी ही है. मैंने ‘सुपर30’ के निर्माता से स्पष्ट तथ्यों का आकलन करने और जरूरत होने पर ठोस कदम उठाने को कहा है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसे किसी भी तरह से रफा-दफा नहीं करना चाहिए. सभी सिद्ध अपराधियों का सजा दी जानी चाहिए और पीड़ितों को सशक्त करना चाहिए और बोलने की ताकत देने चाहिए.’’

विकास बहल ‘फैंटम फिल्म्स’ का हिस्सा हैं. प्रोडक्शन हाउस की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने पिछले साल निर्देशक विकास बहल पर गोवा की यात्रा के दौरान उसके साथ अनुचित तरीके से व्यवहार करने का आरोप लगाया था.

‘हफपोस्ट इंडिया’ में हाल में छपे एक लेख में पूर्व महिला कर्मचारी ने आरोपों को दोहराते हुए मई 2015 की घटना के बारे में विस्तार से बताया है .रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने कहा कि उन्होंने कश्यप से संपर्क किया और घटना के बारे में विस्तार से बताया, लेकिन इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई. बहल उनका तब तक उत्पीड़न करते रहे जब तक उन्होंने कंपनी छोड़ नहीं दी.

इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने ट्विटर पर दो पन्नों के एक बयान में कहा कि उनके वकीलों ने उन्हें बताया कि ऐसा कुछ नहीं है जिसके आधार पर फैंटम फिल्म्स से बहल को हटाया जा सके. सात साल पहले फैंटम फिल्म्स की स्थापना की गई थी.

बयान में उन्होंने लिखा, ‘‘फैंटम के अंदर रहते हुए मेरे पार्टनर और उनके वकीलों ने मुझे जो बताया, मैं जो कर सकता था, मैंने किया. कानूनी और वित्तीय फैसलों के लिए मैं पूरी तरह से अपने पार्टनर और उनकी टीम पर निर्भर था. वे उन सभी चीजों का ध्यान रखते थे ताकि मैं उन चीजों पर ध्यान दे चकूं जिन्हें मैं बेहतर, रचनात्मक तरीके से कर सकता था. किसी भी मामले में उनका और उनकी टीम का फैसला हम सबके लिए अंतिम होता था.’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘तब मुझे जो कानूनी सलाह दी गई उसके अनुसार मुझे बताया गया था कि हमारे पास बेहद सीमित विकल्प हैं. अब जब मैं खुद उन बातों पर गौर कर रहा हूं तो मैं कह सकता हूं कि मुझे गलत सलाह दी गई थी.’’ 

कश्यप ने कहा कि सीमित विकल्प को देखते हुए कंपनी ने ‘‘मजबूत नैतिक रुख’’ अपनाया जिसमें बहल को कार्यालय परिसर से दूर रखना और उनसे हस्ताक्षर करने के अधिकार ले लेना शामिल थे. फिल्मकार ने कहा कि जिसने भी इस बारे में निजी तौर पर उनसे बात की तो उन्होंने बहल की निंदा की. उन्होंने दावा किया कि बहल के खिलाफ आरोपों के बारे में कुछ भी ‘‘गोपनीय’’ नहीं है.

कश्यप ने कहा कि पीड़िता निजी तौर पर मुझ पर भरोसा करती थीं. उन्होंने कहा कि वकीलों ने मुझे बताया कि बहल को कंपनी से हटाने के रास्ते में दो चीजें अवरोध के समान है. एक, उनका ओहदा बराबर के प्रोमोटर/निर्देशक का है जो वास्तव में कंपनी चला रहा है. दूसरा, उनके अनुबंध में दुर्व्यवहार के आधार पर उन्हें कंपनी से निकालने का कोई प्रावधान नहीं है.

(इनपुट- भाषा)

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