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बॉलीवुड में तल्ख होते रिश्ते पर बोली कंगना रनौत, कहा- 'यहां कुछ भी परमानेंट नहीं होता'

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

एकता कपूर के बैनर बालाजी टेलीफिल्म्स ने ‘‘जजमेंटल है क्या’’ फिल्म के प्रचार संबंधी कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री कंगना रनौत की एक पत्रकार के साथ हुई तीखी बहस हुई जिसके बाद एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट गिल्ड ने अभिनेत्रा के बहिष्कार का ऐलान किया। जिसके बाद से यह मुद्द लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। 

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बात करते हुए कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के साथ हुए तल्ख रिश्ते पर जवाब देते हुए कहा, मुझे लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री में सबसे ख़ूबसूरत बात यही है कि लोग यहां ऐसे-ऐसे बदलते हैं। और मेरी भी सबसे बड़ी यूएसपी यही है कि मेरे दिल में जो होता है वह बोल देती हूं, उसके एक मिनट बाद मैं बहुत खुश भी हो जाती हूं कि ठीक है जो बोलना था वह बोल दिया। आपने इस इंडस्ट्री में देखा होगा कि जो एक दूसरे के दुश्मन है वह एक दूसरे के दोस्त बन जाते हैं। जो दोस्त हैं वह दुश्मन बन जाते हैं। चीजें बदलती रहती है। तो मुझे नहीं लगता कोई भी चीज परमानेंट होता है। 

क्या कंगना रनौत जजमेंटल है? इस सवाल के जवाब में कंगना ने कहा मैं एक ही चीज को लेकर जजमेंटल हूं अगर कोई इंसान जिस थाली में खाए उसपर छेद करे। तो मुझे उस इंसान को लेकर दया महसूस होती है।

इससे पहले कंगना ने कहा ये विदेशी सोच वाले देशी लोग हैं। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म जगत के कुछ लोगों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुझे विदेशी सोच वाले देशी लोग के साथ समस्या है। उनकी मानसिकता यहाँ नहीं है। सिर्फ मीडिया में ही नहीं, इस तरह के लोग बॉलीवुड में भी हैं। वे राष्ट्रविरोधी की बात करते हैं। अगर आप भारत की संस्कृति और उनके सामने एकता की बात करते हैं, तो वे आप पर हमला करेंगे। 

उन्होंने आगे कहा कि वे ऐसे लोग हैं जो भारतीय होने के बावजूद एक विदेशी संस्कृति में विश्वास करते हैं। इस तरह के लोग मीडिया में भी पाए जाते हैं। उन्हें जन्म से ही देश के साथ  समस्या है। वे अपनी मिट्टी, रंग, भूरी त्वचा, अपनी भाषा से, हमारी संस्कृति से पसंद नहीं करते हैं। मुझे नहीं पता क्यों।"

वहीं पत्रकार से विवाद मुद्दे पर उन्होंने बोलते हुए कहा कि "कुछ लोग होते हैं जो किसी तरह के समीक्षा और आलोचना सहन नहीं कर पाते। आपने देखा होगा मेरे इंटरव्यू में  व्यक्तित्व और भाषा के संदर्भ में खुद में जो मैंने परिवर्तन और सुधार किए हैं और आलोचनाओं ने इसमें एक बड़ी भूमिका निभाई है और जब आप एक सेलिब्रिटी हैं तो आपका कुछ चीजों के लिए दायित्व काफी बढ़ जाता है। लेकिन जब मीडिया समीक्षा और अपमान की गरिमा लंघ देती है तो किसी को तो खड़ा करना होगा। 

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उन्होंने आगे कहा कि मणिकर्णिका के दिनों में भी मैंने कहा था कि मैं सभी को बेनकाब करूँगी। एक अभिनेता से ज्यादा, मैं एक भारतीय हूं। यह मुझे शुरू से परेशान कर रहा था। समाज के रूप में मीडिया की भूमिका पर क्या चर्चा होनी चाहिए। 
 

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